घर में कामधेनु की मूर्ति रखने से मिलते हैं कई लाभ, बस ध्यान रखें ये वास्तु नियम…

धर्म डेस्क। आपने कई लोगों को कामधेनु गाय की मूर्ति या तस्वीर घर में रखते देखा होगा। माना जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को बहुत ही अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं। बस इसके लिए आपको कुछ वास्तु नियमों (kamdhenu vastu tips) का ध्यान रखने की जरूरत है। चलिए जानते हैं इसके बारे में।

कामधेनु गाय के वास्तु नियम

कामधेनु की मूर्ति को घर के उत्तर-पूर्व कोने यानी ईशान कोण में रखना चाहिए। यह दिशा देवताओं की दिशा मानी जाती है। ऐसे में इस दिशा में कामधेनु की मूर्ति स्थापित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ने लगता है, जिससे सुख-शांति का माहौल बना रहता है। लेकिन भूल से भी कामधेनु की मूर्ति को दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता।

कहां रखें मूर्ति

वास्तु के अनुसार, आप कामधेनु की मूर्ति को घर के मंदिर या लिविंग रूम में भी रख सकते हैं। साथ ही इस मूर्ति को ऐसी जगह पर रखने का भी फायदा मिलता है जहां यह आसानी से दिखाई दे, तभी इसका अधिक प्रभाव देखने को मिलता है।

आप घर के मुख्य द्वार पर भी कामधेनु की मूर्ति या फिर तस्वीर लगा सकते हैं। वहीं अगर आप कामधेनु की मूर्ति को अपने ऑफिस में रख रहे हैं, तो इसके लिए उत्तर या पूर्व दिशा बेहतर मानी जाती है।

कैसी होनी चाहिए मूर्ति

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में पीतल, तांबा, चांदी या सोने से बनी कामधेनु गाय की मूर्ति रखना अधिक शुभ माना जाता है। इसके अलावा आप  संगमरमर या मिट्टी से बनी मूर्ति भी अपने घर में रख सकते हैं। इस बात का खास ख्याल रखें कि मूर्ति में बछड़ा भी जरूर होना चाहिए। आप चाहें तो घर में कामधेनु की तस्वीर भी लगा सकते हैं।

रखें इन बातों का ध्यान

अगर आपके घर में कामधेनु की मूर्ति विराजमान है, तो आपको कुछ नियमों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। मूर्ति पर कभी भी धूल न जमने दें और न ही उसे गंदा होने दें। आर चाहें, तो नियमित रूप से इस मूर्ति की साफ-सफाई भी कर सकते हैं।

इसके लिए कामधेनु की मूर्ति को गंगाजल से धोकर और फूल, अक्षत और धूप-दीप से सजाकर इसकी पूजा करें। अगर आप इन सभी नियमों का पालन करते हुए अपने घर में कामधेनु की मूर्ति स्थापित करते हैं, तो आपको इसके कई लाभ देखने को मिल सकते हैं।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। dainikpahuna.com  इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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