बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पार्टी से लौट रहे तीन युवक एक आदिवासी विधवा महिला को जबरन उठाकर सुनसान इलाके में ले गए और उसके साथ गैंगरेप किया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने महिला को करीब 300 मीटर दूर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया और विरोध करने पर मारपीट भी की। पीड़िता ने पहले गांव के लोगों को इसकी जानकारी दी, जहां बैठक कर आरोपियों से 40-40 हजार रुपये दंड लेकर मामले को दबाने की शर्मनाक कोशिश की गई। हालांकि न्याय नहीं मिलने पर पीड़िता थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। यह मामला बालोद थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के अनुसार घटना 22 फरवरी की रात करीब 9 बजे की है। पीड़िता ने पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई कि गांव करहीभदर के रहने वाले विकास सिन्हा, रोशन कुमार साहू और कमल कुमार सेन उसे रात करीब 9 बजे जबरन उठाकर ले गए। इसके बाद उसे सुनसान जगह पर ले जाकर रात 12 बजे तक जबरदस्ती सामूहिक दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपियों ने पीड़िता के साथ अश्लील गाली-गलौज की और किसी को बताने पर कोई विश्वास नहीं करेगा कहकर धमकाया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की, जिससे उसे चोटें आईं।
पीड़िता की शिकायत के बाद बालोद थाना में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के निर्देशन और एसडीओपी बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास सिन्हा (26 वर्ष) और कमल कुमार सेन (23 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने घटना को स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को 14 मार्च को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

