ईरान को हराने ट्रंप की नापाक चाल! युद्ध में भारत का नाम घसीटते हुए बोले- PM मोदी और मैं निपट लेंगे

Trump Statement on PM Modi: अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध (US-Israel and Iran war) का आज 28वां दिन है। 28 दिन में भी अमेरिका-इजराइल मिलकर ईरान को हरा नहीं पाए हैं। वहीं अब ईरान को हराने डोनाल्ड ट्रंप ने नापाक चाल चली है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी नापाक चाल का मोहरा भारत को बनाने की कोशिश की है। भारत-ईरान के मजबूत रिश्ते (India-Iran relations) को पूरी दुनिया जानती है। इसी का फायदा उठाने की कोशिश में ट्रंप लग गए हैं।

दरअसल ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। ट्रंप ने कहा कि- PM मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा कर दिखाते हैं। ट्रंप ने कहा कि यह बात ज्यादा लोगों के बारे में नहीं कही जा सकती है।

यह मैसेज अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को भारत में अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया। ट्रंप ने लिखा, ‘भारत के साथ हमारा शानदार रिश्ता आगे और मजबूत होगा। PM मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा कर दिखाते हैं, जो ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता है। ट्रंप का यह बयान मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई टेलीफोन बातचीत के बाद आया है। यह दोनों नेताओं के बीच ईरान जंग शुरू होने (28 फरवरी 2026) के बाद पहली बातचीत थी। बातचीत में दोनों ने मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा की और क्षेत्र में स्थिरता की जरूरत पर जोर दिया।

हम शांति का प्रयास करते रहेंगे: PM मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में ट्वीट कर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा- राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बात हुई. पश्चिम एशिया की स्थिति पर उपयोगी चर्चा हुई। भारत डी-एस्केलेशन और जल्द से जल्द शांति बहाली का समर्थन करता है। हॉर्मुज स्ट्रेट को खुला, सुरक्षित और सुलभ रखना पूरे विश्व के लिए जरूरी है। हम शांति और स्थिरता के प्रयासों पर संपर्क में रहेंगे। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।

गौरतलब है कि भारत इस जंग में किसी भी देश को सीधे समर्थन नहीं दे रहा है। भारत डी-एस्केलेशन, शांति बहाली और होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने की अपील कर रहा है भारत के अमेरिका, इजरायल और ईरान तीनों के साथ अच्छे संबंध हैं, इसलिए उसकी भूमिका शांति प्रयासों में अहम हो सकती है।

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