खैरागढ़. जिला मुख्यालय से लगभग पांच किलोमीटर दूर ग्राम सर्रागोंदी में हिंदू आस्था से जुड़े स्थल को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है. अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा उस स्थान पर शराब की खाली बोतलें, डिस्पोज़ल प्लेट गिलास और पानी पाउच बोरी में भरकर फेंक दिए गए, जहां पीपल वृक्ष कटने के बाद हनुमान मंदिर निर्माण प्रस्तावित है. घटना सामने आते ही गांव में भारी आक्रोश फैल गया. सूचना मिलते ही ग्रामीणों के साथ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता खैरागढ़ थाना पहुंचे. अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है
दोषियों पर कार्रवाई की मांग

आक्रोशित लोगों ने पुलिस से मांग की कि इस कृत्य को सामान्य शरारत न मानते हुए गंभीरता से जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो. ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थान अब केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनकी आस्था का केंद्र बन चुका है. पहले पूजनीय पीपल वृक्ष को काटकर धार्मिक भावनाएं आहत की गईं और अब सुनियोजित तरीके से अपवित्र सामग्री फेंककर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
इस पूरे मामले ने उस दर्दनाक घटना की यादें ताजा कर दी हैं, जब पीपल कटने के बाद 90 वर्षीय देवला बाई के रोने का वीडियो राष्ट्रीय मीडिया में वायरल हुआ था. उस वीडियो ने देशभर में संवेदना जगाई और उसी के बाद ग्रामीणों की भावना का सम्मान करते हुए वहां हनुमान मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई. देवला बाई आज भी उस स्थान पर रोपे गए नए पीपल के पौधे को रोज पानी देती हैं, जिसे ग्रामीण आस्था और संघर्ष का प्रतीक मानते हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर निर्माण की तैयारी के बीच इस तरह की घटना न केवल देवला बाई की तपस्या का अपमान है, बल्कि पूरे गांव की धार्मिक भावना पर सीधा हमला है. इससे क्षेत्र में तनाव और असंतोष बढ़ गया है. खैरागढ़ पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है. आसपास के सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है. सर्रागोंदी में पीपल कटने से शुरू हुआ विवाद अब बार-बार आस्था को ठेस पहुंचाने के आरोपों तक पहुंच गया है. गांव में शांति और सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी अब प्रशासन और पुलिस की त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई पर टिकी है.

