रूसी नागरिकों के लिए भारत में निशुल्क ई-टूरिस्ट वीजा…भारत-रूस के बीच कई अहम समझौते…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों ने अपने संयुक्त बयान में आपसी संबंधों को मजबूत करने और मिलकर आतंकवाद पर प्रहार करने का संकल्प जाहिर किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह है। उन्होंने कहा, पिछले आठ दशकों में विश्व में अनेक उतार चढ़ाव आए हैं। मानवता को अनेक चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है और इन सबके बीच भी भारत–रूस मित्रता एक ध्रुव तारे की तरह बनी रही है। परस्पर सम्मान और गहरे विश्वास पर टिके ये संबंध समय की कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं। 2022 में रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से यह पुतिन का पहला भारत दौरा है।

आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर प्रहार

पीएम मोदी ने कहा, क्रिटिकल मिनिरल्स को लेकर अहम सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत शुरू से ही यूक्रेन मामले में शांति के ही पक्ष में रहा है। वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस बिना किसी दबाव के भारत को फ्यूल की सप्लाई करता रहेगा। पुतिन ने अपने बयान में कहा कि रूस और भारत के बीच संबंधों को लेकर उन्होंने हर पहलू पर चर्चा की है। हम सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, व्यापार और संस्कृति के क्षेत्र में अपने संबंधों को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर प्रहार है और रूस-भारत इसके खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ेंगे।

पीएम मोदी ने कहा, भारत-रूस आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाना हमारी प्राथमिकता है। हम भारत-रूस आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को 2030 तक जारी रखने पर सहमत हुए हैं। भारत और रूस यूरेशियन आर्थिक संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को शीघ्र पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को कहा शुक्रिया

पुतिन ने कहा, ”राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी का इस गर्मंजोशी से स्वागत के लिए मैं हृदय से धन्यवाद करता हूँ। कल भोजन के समय जो चर्चा हुई थी, वो बहुत ही महत्वपूर्ण थी। उसके लिए धन्यवाद। हमने मित्रता और साझेदारी के भाव से बातचीत की है। हमने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान प्रदान किया है।”

कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट पर पुतिन का बयान

23वें भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, “हम कुडनकुलम में भारत का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने के लिए एक फ्लैगशिप प्रोजेक्ट चला रहे हैं। छह रिएक्टर यूनिट में से दो पहले ही ग्रिड से जुड़ चुके हैं, जबकि चार और बन रहे हैं। इस प्लांट को पूरी कैपेसिटी से चलाने से भारत की एनर्जी जरूरतों में बड़ा योगदान मिलेगा, जिससे इंडस्ट्रीज और घरों को सस्ती और साफ बिजली मिलेगी।

हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर, फ्लोटिंग न्यूक्लियर प्लांट और न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के नॉन-एनर्जी इस्तेमाल पर भी बात कर सकते हैं, जिसमें मेडिसिन और एग्रीकल्चर भी शामिल हैं। हम अपने भारतीय पार्टनर्स के साथ मिलकर नए इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स रूट बनाने पर काम कर रहे हैं, जिसमें रूस और बेलारूस से हिंद महासागर तक इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर भी शामिल है। इस कॉरिडोर के विस्तार के साथ, जिसमें इसका मुख्य लिंक – नॉर्दर्न सी रूट भी शामिल है, दोनों देशों के बीच व्यापार के बड़े मौके हैं।”

भव्य सवागत के लिए व्लादिमीर पुतिन ने जताया आभार

23वें भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, “मैं भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, भारत के प्रधानमंत्री और हमारे सभी भारतीय साथियों को रूसी प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं कल अपने आवास पर डिनर के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं।”

भारत और रूस के बीच कौन से अहम समझौते

  • -दोनों ने प्रवासन और आसान आवाजाही से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत एक से दूसरे देश जाकर नौकरी या बिजनेस करना आसान होगा।
  • -स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • -प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच वार्ता के बाद भारत, रूस ने बंदरगाह और पोत परिवहन क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

error: Content is protected !!