वार्ड नंबर 10 की रहने वाली 96 वर्षीय बुजुर्ग महिला नूरजहां को कागजों में ‘मृतक’ घोषित कर दिया गया है। अब इस बीमार बुजुर्ग महिला को खुद के जीवित होने का सुबूत देने के लिए सरकारी दफ्तर की पेशी पर जाना होगा।
96 वर्षीय नूरजहां (पति स्व. रफीक अहमद) का कहना है कि देश की आजादी के समय वह करीब 17 वर्ष की थीं। उन्होंने आजादी के बाद से अब तक हुए लगभग सभी चुनावों में मतदान किया है।
नौ फरवरी को एसडीएम कार्यालय में होना होगा उपस्थित
उनकी सामाजिक जड़ें और परिवार की कई पीढ़ियां इसी शहर से जुड़ी हैं। इसके बावजूद, किसी अज्ञात द्वेष या लापरवाही के चलते उन्हें मृत बताकर मतदाता सूची से नाम काटने की आपत्ति दर्ज कराई गई है। खराब स्वास्थ्य के बावजूद नूरजहां को नौ फरवरी को एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होकर यह साबित करना होगा कि वह जीवित हैं।
वार्ड नंबर 10 की रहने वाली 96 वर्षीय बुजुर्ग महिला नूरजहां को कागजों में ‘मृतक’ घोषित कर दिया गया है। अब इस बीमार बुजुर्ग महिला को खुद के जीवित होने का सुबूत देने के लिए सरकारी दफ्तर की पेशी पर जाना होगा।
96 वर्षीय नूरजहां (पति स्व. रफीक अहमद) का कहना है कि देश की आजादी के समय वह करीब 17 वर्ष की थीं। उन्होंने आजादी के बाद से अब तक हुए लगभग सभी चुनावों में मतदान किया है।
नौ फरवरी को एसडीएम कार्यालय में होना होगा उपस्थित
उनकी सामाजिक जड़ें और परिवार की कई पीढ़ियां इसी शहर से जुड़ी हैं। इसके बावजूद, किसी अज्ञात द्वेष या लापरवाही के चलते उन्हें मृत बताकर मतदाता सूची से नाम काटने की आपत्ति दर्ज कराई गई है। खराब स्वास्थ्य के बावजूद नूरजहां को नौ फरवरी को एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होकर यह साबित करना होगा कि वह जीवित हैं।

