सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, सर गंगाराम अस्पताल में कराया गया भर्ती…

Sonia Gandhi Health Update: कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ गई है। सोनिया गांधी की तबीयत मंगलवार रात को अचानक खराब हो गई। इसके बाद उन्हें तुरंत दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि चेस्ट की समस्या की वजह से 79 वर्षीय सोनिया गांधी को सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी साथ में मौजूद हैं।

डॉक्टर की टीम सोनिया गांधी के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। डॉक्टर अरूप बासु की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। सोनिया गांधी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि फेफड़ों से संबंधित परेशानी के चलते उन्हें भर्ती कराया गया है

बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी अस्पताल पहुंचे। हालांकि कुछ समय बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अस्पताल ने निकल गए। राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को इस साल जनवरी में भी सांस लेने में तकलीफ के कारण इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अध्यक्ष डॉ. अजय स्वरूप के अनुसार, उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। चिकित्सा जांच में पता चला कि ठंड और पर्यावरण प्रदूषण के कारण उनका ब्रोंकियल अस्थमा थोड़ा बढ़ गया था।

19 जून 2025 को सोनिया गांधी को पेट में कुछ गंभीर समस्या आई थी

इससे पहले 19 जून को भी सोनिया गांधी को पेट में कुछ गंभीर समस्या आई थी जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था और फिर कुछ दिनों में छुट्टी दे दी गई थी। उनको 15 जून को पेट में इंफेक्शन से जुड़ी शिकायतों के बाद भर्ती किया गया था। करीब चार दिन तक उनकी हालत पर लगातार नजर रखी गई।

साल 2011 में कैंसर का इलाज चला था

साल 2011 में अमेरिका में कैंसर का उपचार भी करवाना पड़ा था, जिसके बाद से वह स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझ रही हैं। हालांकि, 2012 में इलाज करवाने के बाद उनकी तबीयत सही हो गई थी।

जानें कैसे शुरू हुई सोनिया गांधी की सियासी पारी

सोनिया गांधी की शादी 1968 में राजीव गांधी के साथ हुई थी। राजीव ने राजनीति से दूरी बनाकर एक एयरलाइन पायलट के रूप में अपना करियर चुना था। 1980 में संजय गांधी के निधन के बाद राजीव गांधी राजनीति में आए। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव प्रधानमंत्री बने। सोनिया गांधी ने इस दौरान राजनीति से दूरी बनाए रखी और कला संरक्षण के क्षेत्र में काम किया। हालांकि 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद सोनिया गांधी को कांग्रेस का नेतृत्व संभालने का प्रस्ताव मिला, जिसे उन्होंने शुरुआत में ठुकरा दिया।

हालांकि 1998 में सोनिया गांधी ने कांग्रेस पार्टी की कमान संभाली। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने 2004 में लोकसभा चुनाव जीता और यूपीए गठबंधन का गठन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री पद स्वीकार करने के बजाय मनमोहन सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी। 2009 में एक बार फिर उनके पास प्रधानमंत्री बनने का मौका थाय़ उन्होंने दोनों ही मौकों पर इसे ठुकराया और खुद की जगह डॉक्टर मनमोहन सिंह को नामित किया। सोनिया के इस फैसले ने सभी को चकित कर दिया था। वर्तमान में सोनिया गांधी कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख और राज्यसभा सांसद हैं।

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