मुन्नार से दार्जिलिंग तक, हर ‘टी लवर’ को जरूर देखने चाहिए भारत के ये 5 खूबसूरत चाय बागान…

ट्रेवल डेस्टिनेशन। भारत में चाय एक इमोशन है। दिन की शुरुआत से लेकर शाम की थकान मिटाने तक, टी लवर्स के लिए चाय सबसे बड़ा सहारा होती है। अगर आप भी चाय के दीवाने हैं, तो आपको भारत के कुछ टी प्लांटेशन जरूर देखने चाहिए।

इन बागानों में चाय की खुशबू और प्रकृति की हरियाली के बीच आपको बेहद सुकून का एहसास होगा। आइए जानें भारत के इन मशहूर चाय बागानों के बारे में।

दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल

जब बात बेहतरीन चाय की हो, तो दार्जिलिंग का नाम सबसे ऊपर आता है। यहां की चाय को अपनी अनोखी खुशबू और स्वाद के कारण शैम्पेन ऑफ टी कहा जाता है। हिमालय की शिवालिक पहाड़ियों पर फैले यहां के बागान न केवल आपको बेहतरीन चाय का अनुभव देंगे, बल्कि कंचनजंगा की बर्फीली चोटियों का खूबसूरत नजारा भी दिखाएंगे।

Tea Plantation (1)

(Picture Courtesy: Freepik)

मुन्नार, केरल

केरल का मुन्नार अपने घुमावदार चाय के बागानों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। समुद्र से हजारों फीट की ऊंचाई पर स्थित यहां के बागान दूर से देखने पर किसी मखमली हरे कालीन की तरह लगते हैं। मुन्नार में आप टाटा टी म्यूजियम जा सकते हैं, जहां आप चाय बनाने की पुरानी और नई तकनीकों को देख सकते हैं। यहां की ताजी हवा और हल्की धुंध आपकी चाय की चुस्की का मजा दोगुना कर देगी।

असम वैली, असम

असम दुनिया का सबसे बड़ा चाय उत्पादक क्षेत्र है। अगर आपको कड़क और गहरे रंग की चाय पसंद है, तो असम जरूर जाना चाहिए। ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे फैले यहां के बागान अपनी ब्लैक टी के लिए मशहूर हैं। असम की चाय के बागानों में रुकने का अनुभव सबसे अलग होता है, क्योंकि यहां कई ब्रिटिश काल के बंगले अब पर्यटकों के लिए हेरिटेज स्टे में बदल दिए गए हैं।

कुन्नूर, तमिलनाडु

तमिलनाडु का कुन्नूर, ऊटी के करीब स्थित एक शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन है। यहां की नीलगिरी चाय अपनी सुगंध और हल्के मीठे स्वाद के लिए जानी जाती है। कुन्नूर के चाय बागान ढलानों पर बने हुए हैं, जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं। यहां आप टी टेस्टिंग सेशन का आनंद भी ले सकते हैं।

Tea Plantation (2)

(Picture Courtesy: Freepik)

कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी को उत्तर भारत का टी कैप्टिल कहा जाता है। हालांकि, यहां के बागान दक्षिण भारत या असम जितने बड़े नहीं हैं, लेकिन यहां की कांगड़ा टी अपने बेहतरीन स्वाद के लिए मशहूर है। धौलाधार पर्वतमाला की तलहटी में बसे ये बागान बहुत ही शांत और सुकून देने वाले हैं। अगर आप भीड़भाड़ से दूर कहीं जाना चाहते हैं, तो पालमपुर और कांगड़ा के बागान सबसे अच्छे ऑप्शन हैं।

खास टिप्स

  • चाय बागानों की सैर के लिए मार्च से जून और सितंबर से नवंबर का समय सबसे अच्छा होता है।
  • किसी भी बागान में जाएं, तो वहां का टी टेस्टिंग का अनुभव जरूर लें।

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