200 करोड़ की ठगी मामला: जैकलीन की अर्जी पर ED ने मांगा समय, बनना चाहती हैं सरकारी गवाह

प्रवर्तन निदेशालय (ED)ने सोमवार को बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस (Jacqueline Fernandez) की उस याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। यह मामला स्पेशल कोर्ट में चल रहा है, जिसकी सुनवाई स्पेशल जज प्रशांत शर्मा की अदालत में हो रही है। कोर्ट ने इस प्रकरण में आगे की सुनवाई के लिए अगली तारीख 8 मई तय की है। इससे पहले, 17 अप्रैल को अदालत ने अभिनेत्री के वकील की अर्जी पर ईडी को नोटिस जारी किया था। अब एजेंसी ने जवाब देने के लिए और समय मांगा है, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई निर्धारित कर दी है।

इस मामले में ED ने अपनी चार्जशीट में जैकलीन फर्नांडिस को कथित ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में सह-आरोपी के रूप में नामित किया है। यह मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण से संबंधित है।जांच एजेंसी का आरोप है कि इस केस में वित्तीय लेनदेन और लाभ लेने से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसके चलते लंबे समय से अदालत में कार्यवाही चल रही है। इस मामले में पहले भी न्यायिक स्तर पर अहम घटनाक्रम हो चुके हैंदिल्ली हाई कोर्ट ने पिछले साल 3 जुलाई को उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें ईडी द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। इसके बाद दो महीने के भीतर सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत

सुकेश अक्टूबर 2019 से जेल में है

यह मामला ठगी और संगठित धोखाधड़ी से जुड़ी उस बड़ी जांच का हिस्सा है, जिसमें आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को उच्च सरकारी अधिकारी बताकर भारी रकम की धोखाधड़ी की। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ यह केस दर्ज किया था कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नियों से करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी की। इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि यह है कि शिविंदर और मालविंदर सिंह पर रैनबैक्सी से जुड़े लगभग 2,397 करोड़ रुपये के फंड डायवर्जन के आरोप हैं और वे अक्टूबर 2019 से जेल में हैं। आरोप यह भी है कि सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के रूप में प्रस्तुत किया और जमानत दिलाने का झांसा देकर इस ठगी को अंजाम दिया।

ठगी का बड़ा नेटवर्क चलाया

यह मामला उस व्यापक जांच का हिस्सा है जिसमें आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने जेल के अंदर रहते हुए भी एक ठगी और वसूली का नेटवर्क संचालित किया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी दौरान उसने कई लोगों से संपर्क स्थापित किया और कथित रूप से महंगे उपहार भी दिए। इस प्रकरण में बॉलीवुड अभिनेत्री Jacqueline Fernandez का नाम भी जुड़ा, क्योंकि आरोप है कि उन्हें भी सुकेश द्वारा दिए गए उपहार और संपर्क के चलते जांच के दायरे में लाया गया। हालांकि, जैकलीन फर्नांडिस का पक्ष यह रहा है कि उन्हें सुकेश चंद्रशेखर की वास्तविक पहचान और उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी नहीं थी। उनका कहना है कि उन्हें बताया गया था कि वह एक बिजनेसमैन है।

जैकलीन खोलेंगी सुकेश के राज?

इस तरह के मामलों में अगर कोई आरोपी “सरकारी गवाह” (approver) बनने की अर्जी देता है, तो उसका कानूनी असर पूरी तरह जांच एजेंसी और अदालत की मंजूरी पर निर्भर करता है। इस मामले में ED के समक्ष विचाराधीन अर्जी को लेकर कहा जा रहा है कि अगर उसे स्वीकार किया जाता है, तो Jacqueline Fernandez को कुछ कानूनी लाभ मिल सकते हैं।भारतीय कानून में “सरकारी गवाह” वह व्यक्ति होता है जो जांच एजेंसी को मामले से जुड़ी अंदरूनी जानकारी और सबूत देता है मुख्य आरोपी के खिलाफ सहयोग करता है अदालत में गवाही देने के लिए तैयार रहता है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार सहयोग करने पर सजा में छूट या राहत मिल सकती है कुछ मामलों में आरोपों में नरमी की संभावना होती है लेकिन यह पूरी तरह अदालत की स्वीकृति और दिए गए सबूतों की गुणवत्ता पर निर्भर करता है फिलहाल वह इस केस में बतौर आरोपी ही कार्यवाही का सामना कर रही हैं। अगर अर्जी स्वीकार होती है, तो उनकी स्थिति आरोपी से बदलकर सरकारी गवाह की हो सकती है, लेकिन यह स्वतः नहीं होता इसके लिए औपचारिक कानूनी प्रक्रिया जरूरी होती है।

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