महाराष्ट्र के लोनावला ग्रामीण क्षेत्र में कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने पुणे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर बेटे के लिए न्याय की मांग की। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) नियुक्त करने की मांग भी तत्काल स्वीकार कर ली गई। कानून एवं न्याय विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और उज्ज्वल निकम ने भी इस जिम्मेदारी के लिए अपनी सहमति दे दी है।
ट्रेकिंग के दौरान मौत, जांच में सामने आई हत्या की साजिश
26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून 2026 को लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना गया, लेकिन पुलिस की पड़ताल में मामला कथित हत्या की साजिश में बदल गया।
मंगेतर और प्रेमी पर हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, केतन की मंगेतर सिया गोयल का चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। दोनों की शादी नवंबर 2026 में तय थी, लेकिन कथित तौर पर परिवार की बदनामी से बचने के लिए दोनों ने केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
जांच में दावा किया गया है कि घटना वाले दिन सिया केतन को लोहागढ़ किले पर लेकर गई, जबकि चेतन पहले से वहां मौजूद था। पुलिस का आरोप है कि सिया के इशारे पर चेतन ने केतन को खाई में धक्का दे दिया और बाद में इसे हादसा दिखाने की कोशिश की गई।
पहले भी हो चुकी थीं हत्या की कोशिशें
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि केतन की हत्या का यह पहला प्रयास नहीं था। इससे पहले भी कई बार उसे मारने की कथित योजना बनाई गई। एक बार सिया ने कथित तौर पर उसे खाई की ओर धक्का दिया था, लेकिन वह झाड़ियों का सहारा लेकर बच निकला। उस समय सिया ने ‘सांप से बचाने’ का बहाना बनाया था। पुलिस का दावा है कि एक अन्य प्रयास भी परिस्थितियों के कारण विफल हो गया था। अब मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपों के समर्थन में साक्ष्य जुटाने में लगी है।


