डायल 112 की टीम का मानवीय चेहरा: परिवार को घरेलू हिंसा से बचाया, इनाम के रुपये को भी ठुकराया

बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पहल डायल 112 पुलिस टीम का लाभ अब जिलेवासियों को मिलने लगा है। ताजा मामला कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम पुटपुरा से सामने आया है, जहां डायल 112 की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ही परिवार के कई लोगों को घरेलू हिंसा का शिकार होने से बचाया।

आपको बता दें कि जिले में घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंचकर अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक्सीडेंट में घायल लोगों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करवा रही है। वहीं परिवार में हो रहे झगड़ों को मिटाकर परिवार को एक जुट कर रही है। साथ ही नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान भी चला रही है। पुलिस की इस टीम को जिलेवासियों की खुब शाबाशी मिल रही है। वहीं पुलिस की टीम भी नागरिकों की मिल रही शाबाशी से पीड़ित लोगों की सहायता में आगे आ रही है।

​क्या था मामला ?

1 जुलाई की रात करीब 9 बजे डायल 112 को इवेंट नंबर 542331 के माध्यम से एक संवेदनशील सूचना मिली। कॉलर ने बताया कि उसका जीजा शराब के नशे में है और घर के छोटे-छोटे 3 बच्चों, अपनी पत्नी, सास, ससुर और उसके साथ मारपीट कर रहा है। घर में चीख-पुकार मची हुई है और जान का खतरा बना हुआ है।

सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना कसडोल की डायल 112 बाज 1 टीम में तैनात आरक्षक आशुतोष बंजारे और साथी स्टाफ बिना एक पल गंवाए तत्काल घटनास्थल ग्राम पुटपुरा पहुंचे। मौके पर हालात काफी तनावपूर्ण थे। पुलिस टीम ने स्थिति को तुरंत अपने नियंत्रण में लिया।

​मनोवैज्ञानिक समझाइश और मानवीय चेहरा

​जब पुलिस ने पीड़ितों से पूछताछ की, तो उन्होंने बच्चों और अपनी बेटी के भविष्य तथा लोक-लाज के डर से कानूनी रिपोर्ट दर्ज कराने से मना कर दिया। उन्होंने पुलिस से केवल इतनी गुहार लगाई कि वे उस शराबी व्यक्ति को समझा-बुझाकर शांत कर दें। ​इस पर आरक्षक आशुतोष बंजारे और टीम ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए शराबी युवक पर बल प्रयोग करने के बजाय मनोवैज्ञानिक और मानवीय तरीके से कड़ाई से समझाइश देना उचित समझा।

पुलिस की इस काउंसलिंग का युवक पर ऐसा असर हुआ कि उसे तुरंत अपनी गलती का अहसास हुआ और पूरे परिवार के पैर छूकर रोते हुए माफी मांगी। डायल 112 की इस त्वरित कार्रवाई से रात के सन्नाटे में एक बड़ी अनहोनी और अप्रिय घटना होते-होते टल गई।

​पुलिस की इस मानवीय कार्यशैली और तत्परता से कॉलर और उसके बुजुर्ग पिता इतने अभिभूत हुए कि उन्होंने खुश होकर सम्मान स्वरूप 112 की टीम को 1000 की नगद राशि देनी चाही, लेकिन कर्तव्यपरायण टीम ने इस राशि को लेने से साफ मना कर दिया। टीम ने कहा ​”जनता की सेवा और सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है, इसके बदले हमें कुछ नहीं चाहिए। ​पुलिस की इस ईमानदारी और अनुशासन ने उपस्थित ग्रामीणों का दिल जीत लिया।

डायल 112 की इस त्वरित सहायता और बेदाग छवि से गदगद होकर आज कॉलर ने खुद एक वीडियो संदेश जारी किया है। वीडियो के माध्यम से कॉलर और उसके परिवार ने थाना कसडोल की डायल 112 ‘बाज 1’ टीम आरक्षक आशुतोष बंजारे व टीम का सहृदय आभार व्यक्त करते हुए बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस का आभार जताया है।

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