मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की थी कि भारत में इस बार औसत से भी कम बारिश होने की संभावना रहेगी. इसके पीछे अल-नीनो को वजह बताया गया. हालांकि, अब हालात इसके ठीक उलट हैं. देश के अधकतर हिस्से बाढ़ की चपेट में है और लाखो लोग इससे प्रभावित हुए हैं. अरबों की संपत्ति का नुकसान हो चुका है. देश के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है. महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और गुजरात में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं. यहां नदी-नाले उफान पर है, लोगों के घरों में भी पानी घुस आया है. सड़कें जलमग्न हैं, नदियों का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है.
गुजरात में बाढ़ से हालत गंभीर
गुजरात के कई हिस्सों को भी भारी बारिश ने काफी प्रभावित किया है. नवसारी, अहमदाबाद, सूरत और वलसाड में सबसे बुरे हालात हैं. नवसारी के कई इलाके बाढ़ में डूब गए हैं, गाड़ियां डूबी हुई हैं. ऐसे में प्राभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए NDRF बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चला रही है. देवभूमि उत्तराखंड की अगर बात करें तो यहां भी मॉनसून किसी नरमी बरतने के मूड में नहीं है. यहां भी तेज़ बारिश से हालात बुरे हैं. ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ा है और ये खतरे के निशान के बहुत नज़दीक पहुंच गया है. नदियों का जलस्तर बढ़ने से इलाके में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं, लोगों की दिनचर्या भी इससे काफी प्रभावित हो रही है
जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश के कारण स्थिति बिगड़ रही है. अधिकारी पहले ही अलर्ट पर हैं. अनंतनाग में लगातार हो रही बारिश के कारण झेलम नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, अधिकारियों ने इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है. रियासी में तेज बारिश हो रही है, जिसके कारण सलाल बांध के कई गेट खोल दिए गए हैं. लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. महाराष्ट्र में मॉनसून के आगमन के साथ ही तेज़ बारिश शुरू हो गई थी. कई इलाके तेज बारिश में डूब गए हैं. बारिश के कारण पवना बांध अपनी क्षमता के अनुसार 95% तक भर गया है.

