BJP Demands CM Hemant Soren Resignation: नीट पेपर लीक पर पिछले 35 दिन से जारी संग्राम के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने 25 जुलाई को इस्तीफा दे दिया। कॉकरोच जनता पार्टी और समाजसेवी सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल किया। इसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफे सौंप दिया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का असर अब झारखंड की राजनीति पर भी पड़ने लगा है। बीजेपी ने JPSC, CGL व उत्पाद सिपाही भर्ती में गड़बड़ी को लेकर सीएम हेमंत सोरेन का इस्तीफा मांगा है।
धर्मेंद्र प्रधान के कदम को एक ‘बड़ा उदाहरण’ बताते हुए झारखंड बीजेपी (BJP) ने मुख्यमंत्री सोरेन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनसे तुरंत मुख्यमंत्री पद छोड़ने की मांग की है।
झारखंड बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सीएम हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा, “केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए एक बहुत भावुक पत्र लिखा है। वह नहीं चाहते हैं कि देश की युवा शक्ति गलत हाथों में पड़े, इसलिए उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया। सीएम हेमंत सोरेन को भी धर्मेंद्र प्रधान द्वारा पेश किए गए इस उदाहरण का अनुकरण करना चाहिए।
भर्ती परीक्षाओं में भारी गड़बड़ी का लगाया आरोप
दरअसल बीजेपी ने राज्य में हुई हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर हेमंत सरकार को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा किया है। पार्टी का आरोप है कि राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बीजेपी ने जिन प्रमुख परीक्षाओं में गड़बड़ी का हवाला दिया है, उनमें शामिल हैंः-
- CGL (सचिवालय सहायक) परीक्षा
- उत्पाद सिपाही (Excise Constable) भर्ती
- JPSC प्रवेश परीक्षा
‘शिक्षा और कार्मिक विभाग खुद सीएम के पास’
राज्य में इन तमाम परीक्षाओं में जो भारी गड़बड़ियां सामने आई हैं, उसकी सीधी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की बनती है। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य के शिक्षा मंत्री भी स्वयं हेमंत सोरेन हैं। कार्मिक विभाग (Personnel Department) की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। ऐसे में परीक्षाओं में हुई धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें अविलंब अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

