80th Independence Day: लाल किले पर पहली बार गाया जाएगा वंदे मातरम्, जानें इस स्वतंत्रता दिवस क्या-क्या होगा?

80th Independence Day Celebration: देश कल यानी 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 15 अगस्त को देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लाल किले (Red Fort) से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। यह भव्य कार्यक्रम राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150 साल पुरानी विरासत को याद करने और 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने की यात्रा में ‘युवा शक्ति’ की ऊर्जा का जश्न मनाने की थीम पर आयोजित होगा। समारोह में ‘वंदे मातरम’ गीत (Vande Mataram) की प्रस्तुति दी जाएगी। यह आजाद भारत में पहली बार होगा, जब लाल किले पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् पूरा गाया जाएगा। वहीं इस साल लाल किले पर होने वाले जश्न को देखने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से लगभग 5,000 खास मेहमानों को बुलाया गया है।

लाल किले पर पहुंचने पर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। रक्षा सचिव, प्रधानमंत्री को दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GoC) लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी से मिलवाएंगे। इसके बाद, दिल्ली क्षेत्र के GoC प्रधानमंत्री को सैल्यूटिंग बेस तक ले जाएंगे, जहां इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस का संयुक्त गार्ड नरेंद्र मोदी को ‘जनरल सैल्यूट’ देंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ का निरीक्षण करेंगे।

गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने के बाद, प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ेंगे, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ उनका स्वागत करेंगे। दिल्ली क्षेत्र के जीओसी (GoC) प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्राचीर पर बने मंच तक ले जाएंगे। कैप्टन सोनिया सिंह चौहान राष्ट्रीय ध्वज फहराने में प्रधानमंत्री की सहायता करेंगी। ये प्रक्रिया 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के बहादुर गनर्स द्वारा दी जाने वाली 21-तोपों की सलामी के साथ तालमेल बिठाकर की जाएगी। स्वदेशी 105mm लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल करने वाली इस सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत संभालेंगे और गन पोजीशन ऑफिसर नायब सूबेदार (गनरी में असिस्टेंट इंस्ट्रक्टर) अनुतोष सरकार होंगे।

गार्ड ऑफ ऑनर की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे

प्रधानमंत्री के लिए ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दल में सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस से एक-एक अधिकारी और 24-24 जवान शामिल होंगे। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए भारतीय सेना समन्वय सेवा (coordinating service) की भूमिका निभा रही है। ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल अर्जुन सिंह संभालेंगे. प्ध। नमंत्री के गार्ड में सेना के दल की कमान मेजर आदित्य शर्मा, नौसेना के दल की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर नीलम राणा और वायु सेना के दल की कमान स्क्वाड्रन लीडर विपिन कुमार संभालेंगे।

Mi-17 हेलीकॉप्टर कार्यक्रम स्थल पर फूलों की बारिश करेंगे

जैसे ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, भारतीय वायु सेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टर कार्यक्रम स्थल पर फूलों की बारिश करेंगे एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा ‘वंदे मातरम’ वाला ध्वज लेकर उड़ेगा। हेलीकॉप्टरों के कप्तान विंग कमांडर रजत और स्क्वाड्रन लीडर अंकित वार्ष्णेय होंगे।

फूलों की बारिश के बाद प्रधानमंत्री देश को संबोधित करेंगे। उनके भाषण के समापन पर नेशनल कैडेट कोर (NCC) के कैडेट और ‘मेरा भारत’ (My Bharat) के स्वयंसेवक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और उसके बाद राष्ट्रगान गाएंगे। इस समारोह में कुल 2,500 लड़के और लड़कियां (आर्मी, नेवी और एयर फ़ोर्स के कैडेट) और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक भाग लेंगे। ये कैडेट और ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवक ज्ञानपथ पर, प्राचीर के सामने बैठेंगे। वे ‘वंदे मातरम’ की आकृति बनाएंगे।

निमंत्रण कार्ड: इस साल, निमंत्रण कार्ड पर सेवा तीर्थ और धर्म चक्र की झलक दिखाई गई है। रेन पोंचो: मुख्य समारोह वाले दिन मौसम के अनिश्चित हालात को देखते हुए, रैंपार्ट पर मौजूद खास मेहमानों के अलावा माधव दास पार्क और 15 अगस्त पार्क में सभी आमंत्रित लोगों को रेन पोंचो दिए जाएंगे।

इस बार झीलों के नाम पर बैठने की जगहों के नाम

VIP कल्चर को खत्म करने और पानी बचाने के महत्व को उजागर करने के लिए, 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह में बैठने की जगहों (एनक्लोजर) के नाम नदियों के नाम पर रखे गए थे। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए, बैठने की जगहों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं। इनमें बड़खल, भीमताल, चंद्रताल, चिल्का, दलपत सागर, डिमना, दूधसागर, हाफलोंग, हरिके, हुसैन सागर, कंवर, कांकरिया, कोलेरू, लोकतक, लोनार, पैंगोंग त्सो, पुलिकट, पुष्कर, रवींद्र सरोवर, रामगढ़ ताल, रुद्रसागर, साख्य सागर, शांति सागर, वेम्बनाड और वुलर शामिल हैं।

भौगोलिकसंदर्भ

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