साइबर ठगी के 58.49 लाख के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा, तीन म्यूल खाता धारक गिरफ्तार


विभिन्न राज्यों की 30 शिकायतों से जुड़े संदिग्ध लेनदेन पर पुलिस का शिकंजा

राजनांदगांव(दैनिक पहुना)। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘मिशन साइबर सुरक्षा’ अभियान के तहत  पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे तीन म्यूल बैंक खातों के खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायतों की जांच के दौरान इन खातों में कुल 58 लाख 49 हजार 783 रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा किया है। साइबर पोर्टल के माध्यम से इनमें से 1.50 लाख रुपये की राशि होल्ड कराई गई है।

पुलिस के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल से साइबर ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों की जानकारी विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ साझा की जा रही है। इसी क्रम में जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और ठगी की रकम के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में अभियान चलाया जा रहा है।

कोतवाली क्षेत्र में 57 लाख से अधिक का संदिग्ध लेनदेन

अभियान के तहत थाना कोतवाली क्षेत्र के एक बंधन बैंक खाते में साइबर ठगी से संबंधित 57 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई। पुलिस ने साइबर पोर्टल के माध्यम से 50 हजार रुपये की राशि होल्ड कराई। मामले में खाता धारकों राकेश कुमार सिन्हा निवासी गौरी नगर, राजनांदगांव और बालचंद भुआर्य निवासी नवागांव, मानपुर को गिरफ्तार किया गया।

डोंगरगढ़ में दो खातों से 1.49 लाख का लेनदेन

इसी तरह थाना डोंगरगढ़ क्षेत्र के एक्सिस बैंक और छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की डोंगरगढ़ शाखा के दो खातों में साइबर ठगी से संबंधित 1 लाख 49 हजार 783 रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला। इनमें से एक लाख रुपये होल्ड कराए गए। मामले में शिवपुरी, डोंगरगढ़ निवासी गौकरण को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की। विवेचना में अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी कोतवाली उपेन्द्र शाह, प्रशिक्षु डीएसपी सुमन जैसवाल और साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार पम्मार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

बैंक खाता, एटीएम और सिम किराये पर देना पड़ सकता है भारी

जिला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या रजिस्टर्ड मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। पुलिस ने चेताया है कि बैंक खाते को किराये या कमीशन पर देना अथवा साइबर ठगी की रकम अपने खाते में प्राप्त करना दंडनीय अपराध है। खाते में किसी भी प्रकार का संदिग्ध या अवैध लेनदेन नजर आने पर तत्काल पुलिस को सूचना दे।

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