वॉट्सएप पर आई एक ZIP फाइल और उड़ गए 7 लाख रुपये! व्यापारी के साथ बड़ा साइबर ठगी

पानीपत। हरियाणा के पानीपत स्थित अंसल सुशांत सिटी के कपड़ा व्यापारी अभिनंदन जैन के साथ 7 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शातिर साइबर ठगों ने व्यापारी की फर्म के अकाउंटेंट के कंप्यूटर में जिप फाइल के जरिए संदिग्ध वायरस भेजकर पूरा डेटा एक्सेस कर लिया। इसके बाद ठगों ने व्यापारी के नाम से फर्जी वॉट्सएप ग्रुप बनाकर अकाउंटेंट से 7 लाख रुपये एक अज्ञात बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर पुलिस थाना साइबर अपराध पानीपत ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जिप फाइल के जरिए कंप्यूटर में सेंधमारी

अंसल सुशांत सिटी निवासी शिकायतकर्ता अभिनंदन जैन की फर्म में हासिम अंसारी बतौर अकाउंटेंट काम करते हैं। 11 अगस्त को अकाउंटेंट के वॉट्सएप पर ग्वालियर (मध्य प्रदेश) की एक व्यावसायिक पार्टी के नाम से मैसेज आया, जिसमें एक जिप फाइल संलग्न थी। मैसेज में लिखा था कि फाइल को वेरिफिकेशन के लिए कंपनी के फाइनेंस मैनेजर को फॉरवर्ड करें और इसे कंप्यूटर पर खोलें। अकाउंटेंट ने बिना जांचे उस फाइल को फर्म का लेखा-जोखा रखने वाले मुख्य कंप्यूटर में खोल दिया।

मालिक के नाम से बनाया फर्जी वॉट्सएप ग्रुप

कंप्यूटर में सेंध लगाने के बाद साइबर ठगों ने 24 अगस्त को अकाउंटेंट के दूसरे मोबाइल नंबर की कांटेक्ट लिस्ट में व्यापारी अभिनंदन जैन के नाम से एक अज्ञात नंबर जोड़ दिया। फर्जी नंबर से वॉट्सएप पर मैसेज भेजकर फर्म के बैंक खातों का बैलेंस पूछा गया। झांसे में आकर अकाउंटेंट ने फर्म के तीनों बैंक खातों के बैलेंस का स्क्रीनशॉट भेज दिया। इसके तुरंत बाद 20 लाख रुपये डालने को कहा गया, लेकिन अकाउंटेंट के पास जिस खाते का एक्सेस था उसमें 7,97,000 रुपये ही उपलब्ध थे। इस पर ठग ने 7 लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा और अकाउंटेंट ने रकम ऑनलाइन भेज दी

बैंक स्टेटमेंट चेक करने पर हुआ खुलासा

18 सितंबर को जब व्यापारी अभिनंदन जैन ने अपनी फर्म के बैंक खातों की स्टेटमेंट चेक की, तब उन्हें इस बड़े फ्रॉड का पता चला। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 20 सितंबर को पीड़ित ने साइबर थाना पुलिस पानीपत को लिखित शिकायत सौंपी।

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