
राजनांदगांव(दैनिक पहुना)। अवैध शराब के कारोबार और नकली लेबल-होलोग्राम के जरिए शराब की पैकेजिंग करने वाले नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अपराध क्रमांक 537/2026 की विवेचना के दौरान पुलिस ने छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 62 नग अवैध शराब, कुल 11.160 लीटर, नकली लेबल, होलोग्राम स्टीकर, शराब के ढक्कन, मोबाइल फोन और शराब के परिवहन में प्रयुक्त Grand i10 कार व एक्टिवा स्कूटी सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये है, जबकि अब तक की कार्रवाई में जुमला मशरूका करीब 7 लाख रुपये बताया गया है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में थाना डोंगरगढ़ एवं पुलिस चौकी मोहारा की संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई में 21 सितंबर को कुमार वर्मा, दिनेश्वरी वर्मा, पूरन वर्मा, राजेश्वर वर्मा, ओमप्रकाश साहू और गौतम बाई को गिरफ्तार किया गया।
शराब के साथ नकली लेबल और होलोग्राम बरामद
पुलिस के मुताबिक कुमार वर्मा के कब्जे से Grand i10 कार क्रमांक CG-04-HX-1421 और उसमें रखी 21 नग रॉयल गोआ व्हिस्की, कुल 3.780 लीटर, जब्त की गई। पूरन वर्मा से अधजला होलोग्राम स्टीकर, जम्मू शराब का अधजला लेबल, राख का अवशेष और मोबाइल फोन मिला। राजेश्वर वर्मा के कब्जे से 15 होलोग्राम स्टीकर, जम्मू स्पेशल व्हिस्की का लेबल और पांच लाल रंग के ढक्कन बरामद किए गए।
इसी तरह ओमप्रकाश साहू के कब्जे से पांच नग रॉयल गोआ व्हिस्की और 16 नग सुपर छत्तीसगढ़ शराब, कुल 3.780 लीटर, एक मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की एक्टिवा स्कूटी जब्त की गई। गौतम बाई से 20 नग रॉयल गोआ स्ट्रीट व्हिस्की, कुल 3.600 लीटर, बरामद हुई, जिन पर उत्तराखंड का लेबल लगा हुआ था। दिनेश्वरी वर्मा के खिलाफ विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पहले भी छह आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस प्रकरण में पुलिस इससे पहले दऊआ वर्मा, नन्द किशोर वर्मा, तेजेश्वर साहू, देवव्रत वर्मा, आनंद अग्रवाल और जयकरण सिन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस तरह प्रकरण में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस की पूर्व कार्रवाई में अवैध शराब के साथ शराब के लेबल, होलोग्राम स्टीकर, खाली बोतल, ढक्कन, प्रिंटिंग सामग्री और अन्य पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की जा चुकी है।
डिजिटल साक्ष्यों से नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब मामले के नेटवर्क की अन्य कड़ियों की जांच में जुटी है। जप्त मोबाइल फोन एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डिजिटल साक्ष्य, UPI लेन-देन और कॉल डिटेल का परीक्षण कराया जा रहा है। वहीं जप्त शराब, लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री का आबकारी विभाग तथा आवश्यकता के अनुसार एफएसएल और संबंधित निर्माण इकाइयों से परीक्षण व सत्यापन कराया जा रहा है।
जांच में शराब के स्रोत, नकली लेबल और होलोग्राम की उपलब्धता, पैकेजिंग, परिवहन और वितरण से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में साक्ष्य मिटाने या नष्ट करने, आपराधिक षड्यंत्र एवं सामूहिक कृत्य से संबंधित पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फरार एवं पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े तथ्यों का परीक्षण करते हुए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

