भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता की दावेदारी को बड़ा अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला है. न्यूयॉर्क में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वाइसेग्राड ग्रुप (V4) और भारत के प्रारूप में आयोजित पहली हाई लेवल बैठक में हिस्सा लिया. भारत की दावेदारी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के चार स्थायी सदस्यों के अलावा व्यापक स्तर पर समर्थन प्राप्त है. पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने भारत की स्थायी सीट की मांग का समर्थन किया है.
V4 देशों ने भारत की संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता की वकालत की है और कहा है कि भारत इसके योग्य है. भारत 1994 से स्थायी सदस्यता का दावा ठोक रहा है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता और वीटो पावर के लिए भारत कई साल से मजबूत दावेदारी ठोक रहा है. भारत का मानना है कि यह परिषद वर्तमान में भू-राजनीतिक हालात, वैश्विक जनसंख्या के आकार या अंतरराष्ट्रीय मामलों में विकासशील देशों की बढ़ती भूमिका का प्रतिनिधित्व नहीं करती है.
हालांकि, कुछ देशों के अड़ंगा डालने के कारण इसमें देरी हो रही है. जिसमें से प्रमुख रूप से चीन एक बड़ा रोड़ा साबित हो रहा है. चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है और उसके पास वीटो पावर भी है.
न्यूयॉर्क में भारत और वी4 देशों के बीच पहली विदेश मंत्री स्तर की बैठक में सहयोग बढ़ाने के कई रास्तों पर सहमति बनी. साथ ही दोनों पक्ष वार्षिक कारोबारी मंच शुरू करने पर सहमत हुए हैं. V4 की बैठक को जयशंकर ने ऐतिहासिक मौका करार दिया. जयशंकर ने बताया कि V4 देशों के साथ भारत का रक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत इतिहास रहा है और वो इस सहयोग को आगे बढ़ाना चाहते हैं.
V4 देशों के साथ भारत की पहली बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि हम सभी V4 देश इस बात पर सहमत हैं कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरती हुई महाशक्ति के रूप में भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक स्थायी सदस्य के रूप में मेज पर होना चाहिए.

