Harmanpreet Kaur Captaincy Resign : एशियन गेम्स 2026 में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बड़ा फैसला लिया है. मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. यह फैसला उन्होंने गुवाहाटी में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की महिला क्रिकेट टीम की रिव्यू मीटिंग के एक दिन बाद लिया है.
हरमनप्रीत कौर ने मिताली राज के बाद भारतीय महिला टीम की कप्तानी संभाली थी. उनकी अगुवाई में भारत ने पिछले साल पहली बार वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया. हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय टीम ने तीनों फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं.
आसान नहीं था फैसला
हरमनप्रीत ने कहा कि आज वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी से हट रही हैं. यह उनके लिए आसान फैसला नहीं है, क्योंकि इसके साथ वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और कई ऐसे पल जुड़े हैं, जो जिंदगीभर उनके साथ रहेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम और भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अपना सब कुछ दिया है. कई बार उन्हें अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, व्यक्तिगत विकास और महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि उनके लिए टीम हमेशा सबसे पहले रही.
कठिन फैसले के लिए चुकानी पड़ी कीमत
हरमनप्रीत ने कहा कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई कठिन फैसले लेने पड़े, जिन्हें हमेशा समझा नहीं गया और कई बार उनकी व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी. हालांकि, उनके हर फैसले के पीछे टीम को बेहतर बनाने और दूसरी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने का मौका देना ही उद्देश्य रहा.
उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है. उन्होंने टीम को अपना सब कुछ दिया और भारतीय महिला क्रिकेट की अगुवाई करने के अवसर के लिए हमेशा आभारी रहेंगी. अब वह जिंदगी का नया अध्याय शुरू करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि कप्तानी भले ही आज खत्म हो रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार कभी खत्म नहीं होगा.
कप्तनी खत्म, लेकिन सफर अभी जारी
हरमनप्रीत ने ने अपनी सभी साथी खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार और प्रशंसकों का धन्यवाद किया, जिन्होंने मुश्किल और अच्छे दोनों दौर में उनका साथ दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना खून, पसीना, त्याग और गर्व सब कुछ टीम को दिया है और अब वह एक बार फिर सिर्फ खेल के प्यार के लिए मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि कप्तानी खत्म हुई है, लेकिन उनका सफर अभी जारी है.

