दुर्ग। दुर्ग में आयोजित भाजपा के लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ रैली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शामिल हुए. दिल्ली में एक नवम्बर को आयोजित कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ आयोजित सभा में जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब इलेक्शन जीत जाए तो वह होशियार और हार जाए तो इलेक्शन कमीशन खराब कहते हैं. आज हमें इसी अराजकता से बचने की आवश्यकता है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री विनय जायसवाल, शिक्षा मन्त्री गजेंन्द्र यादव, सांसद विजय बघेल, विधायक ललित चन्द्राकर, रिकेश सेन, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय की मौजूदगी में महेश कालोनी में आयोजित सभा में जेपी नड्डा ने कांग्रेस को खूब खरी-खोटी सुनाई.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बस्तर में एकं जगह है चांदा मेटा, जहां पहली बार चुनाव हुआ. इस देश में पहली बार एसएआर नहीं हुआ है. 10 बार इन्होंने कराया, हमने सिर्फ दो बार एसआईआर कराया. एक बार अटल जी के समय और दूसरी बार अब. 2 करोड़ 13 लाख ऐसे लोगो के नाम कटे हैं, जो अपसेंट थे, जो इस देश के नागरिक नहीं हैं. एमएलसी चुनावों में इनको पता चल गया कि ईव्हीएम या बैलेट से नहीं जनता के विश्वास से चुनाव जीता जाता है. हम हिमांचल और कर्णाटक में भी अब हम चुनाव जीतेंगे.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग भारत की जनता की बदौलत चुनाव में नहीं आना चाहते, ये घुसपैठियों के बदौलत चुनाव जीतना चाहते हैं. बॉर्डर के 9 जिलों में वोट प्रतिशत बढ़ा है. इस दौरान इंडिया गठबन्धन के नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार और बंगाल जैसे राज्यों में जो 35 साल से चुनाव नहीं जीत पाए और सरकार नहीं बना पाए, वो चोरी की बात करते हैं.
लोकतंत्र की दुहाई देने वालों ने आपातकाल लगाया – सीएम साय
सभा में मौजूद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज हम सब उनके खिलाफ एकत्रित हुए हैं, जो देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं. लोकतंत्र की दुहाई देने वालों ने आपातकाल लगाकर सबको जेल में डाल दिया, मीडिया में सेंसरशिप लगाया, धारा 356 का गलत उपयोग किया. ये लोकतंत्र की दुहाई देने वाले जब चुनाव जीत जाते हैं, तब कोई विरोध नहीं करते, पर जब चुनाव हार जाते हैं, तब चुनाव में गड़बड़ी की बात करते हैं. उन्होंने कहा कि दोहरे चरित्र वाले ये लोग ही आज देश में अराजकता फैलाने का काम करते हैं. इनके इरादो को जनता समझती है. और ये कभी सफल नहीं होंगे.

