प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता दिवस के मौके पर गुजरात के नर्मदा से विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में विपक्ष अपना मुख्य कर्तव्य भूल गया है और विरोध की बजाय ‘अवरोध पक्ष’ बन चुका है। सरदार पटेल और बाबा साहेब अंबेडकर ने लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिका तय की थी, लेकिन आज का विपक्ष अपनी हताशा और निराशा के कारण देश के विकास के सामने रोड़े अटका रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि देश में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ का खतरा अभी भी टला नहीं है, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने गरीबी उन्मूलन पर बात करते हुए कहा कि पहले सिर्फ नारे दिए गए, लेकिन पिछले 10 से 12 वर्षों में करीब 50 करोड़ भारतीयों ने गरीबी को परास्त किया है। इसके अलावा, उन्होंने विदेश में गुप्त बैठकों और देश के दुश्मनों की भाषा बोलने वालों को लेकर भी आगाह किया।

