कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijit Deepke) ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर चलाए गए अभियान के बाद अब देशभर के सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार के लिए नया अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से देशव्यापी स्तर पर ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान (Fix the School campaign) शुरू किया जाएगा। सोशल मीडिया के जरिए अभियान की घोषणा करते हुए दीपके ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी ग्रामीण भारत के लाखों बच्चे स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी देश की प्रगति का आधार होती है, लेकिन कई सरकारी स्कूल आज भी मूलभूत संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।
दीपके के अनुसार, ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में मौजूद समस्याओं को उजागर करना और उनके समाधान के लिए जनभागीदारी बढ़ाना है। अभियान के तहत स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के लिए बेहतर माहौल सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए समाज और नागरिकों की भागीदारी भी आवश्यक है।
सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में दीपके ने कहा, “आजादी के 80 साल बाद भी गांवों के बच्चों को स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के लिए गुहार लगानी पड़ रही है, यह बेहद शर्मनाक है। एक देश के तौर पर हमने ग्रामीण बच्चों को सबसे बुरी तरह निराश किया है।” उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सीजेपी ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत करेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांवों के सरकारी स्कूलों की मौजूदा स्थिति को उजागर करना और वहां बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।
इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों, अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। दीपके के अनुसार, अभियान के तहत गांवों के सरकारी स्कूलों में मौजूद आधारभूत समस्याओं और सुविधाओं की कमी को उजागर किया जाएगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों और सरकारों से इन समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि इस अभियान का विशेष फोकस किसान और मजदूर परिवारों के बच्चों पर रहेगा, जो अक्सर सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा प्राप्त करते हैं। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे बच्चों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल मिल सके।
अपने गांव हिंगोली से अभियान की शुरुआत करेंगे अभिजीत दीपके
एक वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने बताया कि वह इस अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र के हिंगोली जिले स्थित अपने गांव से करेंगे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले वह गांव के सरपंच से मुलाकात कर स्थानीय सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारने का अनुरोध करेंगे और शिक्षा से जुड़ी बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता से उठाएंगे। सीजेपी ने नागरिकों, अभिभावकों और गांवों के जनप्रतिनिधियों से इस पहल में शामिल होने और ग्रामीण शैक्षणिक ढांचे की उपेक्षा को दूर करने के लिए आगे आने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार के लिए समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता जरूरी है।
सरपंच चैलेंज’ के जरिए स्कूल सुधारने वालों को मिलेगा सम्मान
सीजेपी ने बताया कि अभियान के तहत ‘सरपंच चैलेंज’ शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य गांवों के जनप्रतिनिधियों को सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए प्रोत्साहित करना है। जो सरपंच अपने गांव के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक माहौल में उल्लेखनीय सुधार करेंगे, उन्हें सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।पार्टी के अनुसार, स्कूलों की स्थिति में हुए बदलाव को दिखाने के लिए संबंधित विद्यालयों की पहले और बाद की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाएंगी। साथ ही सुधार कार्यों का श्रेय संबंधित सरपंचों को दिया जाएगा, ताकि अन्य गांवों के जनप्रतिनिधि भी इससे प्रेरित हो सकें।

