नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित नहीं होने पर बिफरी भाजपा, कहा- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा खामियाजा

 रायपुर। कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के हितों की उपेक्षा की. समाजवादी पार्टी और आरजेडी ने हमेशा महिलाओं को गाली देने का काम किया. बिल पास नहीं के बाद विपक्ष के लोगों ने तालियां बजाई और खुशियां मनाई, जबकि हमारे आंखों में आंसू थे. कांग्रेस के लोग चालबाज हैं. कांग्रेस ने बहुत बड़ा पाप किया है. इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा. यह बात भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित नहीं हो पाने पर विपक्ष पर बरसते हुए कही.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, रायपुर महापौर मीनल चौबे, सांसद कमलेश जांगड़े, सांसद लक्ष्मी वर्मा सहित कई महिला नेत्रियों की मौजूदगी में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने विपक्ष पर जमकर गुस्सा निकाला.

उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाना था. कांग्रेस और विपक्ष ने महिलाओं के अधिकार का हनन किया. कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने बिल को पास होने नहीं दिया. महिला अधिकार की बात जब भी आई कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकार के साथ गद्दारी किया.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन काल से नारियों का सम्मान हुआ है. हम लोग अपने देश में नारियों को दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी का अवतार मानते हैं. और उसी दिशा में उनका नेतृत्व सुनिश्चित करने का काम होने जा रहा था, लेकिन जिस तरह से इंडी गठबंधन ने, खासतौर से कांग्रेस, टीएमसी और सपा ने जिस तरह से अधिनियम का विरोध किया. और अधिनियम को पास नहीं होने दिया, उससे देश की आधी आबादी के उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया. इसकी जितनी निंदा की जाए कम है.

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नारियों के विकास हुआ है. शौचालय निर्माण का काम, उज्ज्वला योजना में काम हुआ है. महतारी वंदन योजना के जरिए 70 लाख महिलाओं को राशि भेजने का काम हम कर रहे हैं. लेकिन कांग्रेस अग्रेजों की चाल चलती है. 3 दशकों से महिला आरक्षण की बात कर रहे हैं, लेकिन हर बार जब इसको पास कराने की बात आती है, तो मुंह फेर लेते हैं. इस बार भी वही हुआ है. यह देश के 70 करोड़ माता-बहनों के साथ धोखा है. आने वाले समय में इंडी गठबंधन की इसका खामियाजा सहना पड़ेगा.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संबंध में देश के गृहमंत्री ने सरल भाषा में उन्होंने कहा था कि नर्सरी का बच्चा समझ जाए, उस भाषा में हम समझाएंगे. उन्होंने पूरा तर्कपूर्वक समझाया. लेकिन विपक्ष को 70 करोड़ महिलाओं का सम्मान नहीं करना था. आज उनका चेहरा सबके सामने उजागर हो चुका है. आने वाले समय में कांग्रेस की इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. हमारा संघर्ष जारी रहेगा. महिलाओं को उनका हक लोकसभा और विधानसभा में 33 परसेंट दिलाकर रहेंगे.

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