रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्रिप्टो करेंसी और USDT ट्रेडिंग में निवेश कर कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने का झांसा देकर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आजाद चौक थाना पुलिस ने समता कॉलोनी निवासी चिकित्सा अधिकारी राकेश कुमार मिश्रा की शिकायत पर रेशमी गुप्ता और सुरेश चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है।
फेसबुक पर हुई दोस्ती, दिखाया मुनाफे का लालच
शिकायतकर्ता राकेश मिश्रा ने पुलिस को बताया कि अगस्त 2026 में फेसबुक के माध्यम से रेशमी गुप्ता नाम की युवती से संपर्क हुआ था। उसने क्रिप्टो करेंसी में निवेश का प्लान बताते हुए अच्छा मुनाफा होने का भरोसा दिलाया। भरोसा जीतने के बाद उसने अपने सीनियर सुरेश चौहान से संपर्क कराया।
सुरेश ने शिकायतकर्ता को सिनचेन नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत कराया। यहां शुरुआती ट्रेडिंग में मुनाफा दिखाया गया, जिससे राकेश को लगा कि निवेश सही जगह हो रहा है। साथ ही बाइनेंस ट्रेडिंग ऐप पर भी खाता बनवाकर कुछ रकम भारतीय मुद्रा में लाभ के रूप में दिखाई गई। शुरुआती फायदे ने उनका भरोसा और पक्का कर दिया।
धीरे-धीरे जमा कराए 25.66 लाख रुपये
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर शुरुआती निवेश में फायदा दिखाकर भरोसा जीता। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों और UPI के माध्यम से कुल 25 लाख 66 हजार 900 रुपये जमा करा लिए गए। मुनाफा लगातार बढ़ता हुआ दिखने पर राकेश ने और रकम निवेश कर दी। उन्हें लगा कि पैसा तेजी से बढ़ रहा है।
22 सितंबर को निकासी रोकी, वेरिफिकेशन फीस के नाम पर मांग
शिकायत के अनुसार 22 सितंबर को जब राकेश ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो निकासी रोक दी गई। इसके बाद आरोपियों ने बताया कि राशि निकालने के लिए RBI की गाइडलाइन के अनुसार वेरिफिकेशन चैनल फीस जमा करनी होगी।
जब शिकायतकर्ता ने RBI की गाइडलाइन का पत्र मांगा तो उसे एक पत्र भेजा गया। जांच कराने पर शिकायतकर्ता ने उसे फर्जी पाया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
फर्जी RBI पत्र का खुलासा, 1930 पर की शिकायत
फर्जी पत्र मिलने के बाद राकेश कुमार मिश्रा ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद आजाद चौक थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों और UPI ट्रांजेक्शन की डिटेल खंगाल रही है।

