इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने 4 नवंबर 2026 को संसदीय चुनाव के प्रमाणित नतीजों को कानूनी रूप से मंजूरी दे दी है. इजरायल के आम चुनाव के आधिकारिक परिणाम बुधवार को केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट जस्टिस नोअम सोहलबर्ग ने राष्ट्रपति आइजैक हर्ज़ोग को सौंप दिए. इससे नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
केंद्रीय चुनाव समिति के प्रमुख न्यायमूर्ति नोआम सोहलबर्ग द्वारा चुनाव परिणामों की पुष्टि के बाद राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने इन्हें स्वीकार कर लिया.
इजरायल के संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गठबंधन और उनके विरोधी पूर्व सेना प्रमुख गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले मध्यमार्गी गठबंधन में से किसी को सरकार बनाने लायक बहुमत नहीं मिला है.
नेतन्याहू की पार्टी ने इजरायल के अरब क्षेत्रों में वोटिंग के दौरान अनियमितता का आरोप लगाया है. मांग की है कि चुनाव परिणामों को जारी करने पर रोक लगाई जाए. नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अकेले अरब समुदायों के मतदान केंद्रों पर लगभग 1,200 शिकायतें दर्ज कराई थीं. इनकी जांच की जा रही है.
इस बीच, हर्ज़ोग ने कहा कि उन्हें ‘शिन बेट’ सुरक्षा एजेंसी, पुलिस और अन्य कानून लागू करने वाली एजेंसियों के काम पर ‘पूरा भरोसा’ है, जो चुनाव में विदेशी दखल के आरोपों की जांच कर रही हैं.
राष्ट्रपति हर्जोग और मुख्य चुनाव आयुक्त दोनों ने स्पष्ट किया कि अरब समुदाय के वोटों पर शक नहीं किया जाना चाहिए. इजरायल में राष्ट्रपति आइजक हरजोग ने बुधवार को चुनाव आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई विजयी उम्मीदवारों की सूची को स्वीकार कर लिया.
अब वह नई सरकार के गठन के लिए राजनीतिक दलों और गठबंधन के नेताओं से विचार-विमर्श करेंगे. इस चुनाव में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. इस लिहाज से राष्ट्रपति की भूमिका अहम हो जाती है.

