मंडप नहीं, अस्पताल के बेड पर हुई अनोखी शादी… दूल्हे ने दुल्हन की सिंदूर से भरी मांग और बन गए पति-पत्नी

Dhanbad Hospital Wedding: आपको 2006 में शहीद कपूर और अमृता राव स्टारर आई फिल्म ‘विवाह’ तो याद होगा ही। अब आप उसके गानों को याद करके मीठे-मीठे सपने में खो जाए, उससे पहले आपको बता देते हैं। इस फिल्म का एक सीन काफी लोकप्रिय हुआ था। इसमें एक्ट्रेस अमृता राव अपनी शादी से ठीक पहले एक हादसे में झुलस जाती है। फिल्म के नायक शहीद कपूर बारात लेकर अस्पताल पहुंच जाते है। दोनों की शादी अस्पताल के बेड पर ही हो जाती है। इस सीन ने फिल्म को तो खूब लोकप्रियता दिलाई ही। साथ ही ऐसी प्रेम कहानी को देखकर हर कोई अभिभूत हो गया था। अब ऐसा ही नजारा झारखंड की कोयला नगरी धनबाद में देखने को मिला है। हालांकि इस प्रेम कहानी में थोड़ा ट्विस्ट है। यहां लड़का ही अस्पताल के बेड पर है और उसकी प्रेमिका उससे शादी करने अस्पताल पहुंच जाती है।

मामला धनबाद के सबसे बड़े अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) का है। यहां एक प्रेमी जोड़े ने अस्पताल के बेड पर ही शादी रचा कर सभी को हैरान कर दिया है। यहां बेड पर पड़ा मरीज दूल्हा बना। अस्पताल का बेड शादी का मंडप बन गया और मरीज इसके गवाह बने। प्रेमी ने अस्पताल में इलाज के दौरान ही अपनी प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरा और स्लाइन लगे हाथ से मंगलसूत्र पहनाया। दोनों ने अस्पताल में ही साथ जीने मरने की कसमें खाईं। जिले भर में इस अनोखी शादी की चर्चा खूब हो रही है।

दरअसल, निरसा के कुमारडूबी के रहने वाले आलोक वर्मा का नेहा नाम की लड़की के साथ दो साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। हालांकि लेकिन नेहा के परिवार वालों को यह रिश्ता पसंद नहीं था। प्रेमिका के घर वाले लड़के को अपना दामाद नहीं बनाना चाहते थे। यह बात प्रेमी को रास न आई। वो दुखी रहने लगा।

आलोक ने नेहा को मनाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह राजी नहीं हुई। इसी के बाद आलोक ने जहर खा लिया। परिजनों को पता चला तो घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजन आलोक को लेकर SNMMCH अस्पताल पहुंचे और भर्ती कराया। किसी तरह युवक की जान बच गई।

स्लाइन लगे हाथों से मांग में सिंदूर भरा और मंगलसूत्र पहनाया

आलोक के दोस्तों से नेहा को इस घटना की जानकारी दे दी। खबर सुनकर वह परेशान हो गई। इसके बाद रीना भागते हुए अस्पताल पहुंची। नेहा के परिवार वालों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। अस्पताल में दोनों एक दूसरे से लिपटकर रो पड़े। इस दौरान आलोक के दोस्तों ने आलोक की प्रेमिका के लिए शादी का जोड़ा, मंगलसूत्र और अन्य सभी चीजों की व्यवस्था की। फिर अस्पताल के बेड पर ही स्लाइन लगे हाथों से प्रेमी आलोक ने प्रेमिका नेहा की मांग में सिंदूर भरा और मंगलसूत्र पहनाया। अस्पताल के मरीज इस शादी के गवाह बने, जिसमें बेड शादी का मंडप बना।

आलोक को कुछ हुआ तो…

आलोक और नेहा ने कहा कि वे दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी की है। नेहा ने साथ ही कहा कि आलोक अब उसके पति हैं और उन्हें किसी तरह का नुकसान पहुंचाया जाता है, तो इसके लिए मेरे घरवाले ही जिम्मेवार होंगे। आलोक ने कहा कि नेहा अब उसकी पत्नी है और उसका सुख-दुख मेरा है। अस्पताल में शादी के मौके पर आलोक के परिवार की कुछ महिलाएं भी मौजूद थीं।

दोनों ने प्रशासन से जान बचाने की गुहार लगाई

प्रेमी युवक आलोक वर्मा ने बताया कि वह दोनों पिछले दो साल से एक-दूसरे के प्यार करते हैं। लड़की के घरवालों ने शादी करवाने से मना किया तो उसने कुछ दिन पहले कीटनाशक खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की। इसके बाद लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। इससे उसकी जान बच गयी। शादी के बाद आलोक और नेहा ने अपने परिजनों से जान बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है।

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