अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वे ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे, क्योंकि यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। इसी वजह से अमेरिका को ईरान के खिलाफ जंग में उतरना पड़ा। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए बातचीत प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि वह उसकी शर्तों से संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने एक बार फिर कहा कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा. हम ऐसे पागलों (Lunatics) के हाथ में परमाणु हथियार नहीं रहने दे सकते. ट्रम्प ने फ्लोरिडा में शुक्रवार को एक कार्यक्रम में ये बातें कहा.
उन्होंने कड़े लहजे में कहा, ‘ ईरान को परमाणु हथियार नहीं दिए जा सकते हैं क्योंकि वे इसका इस्तेमाल सबसे पहले इजरायल पर करेंगे, फिर मिडिल ईस्ट और यूरोप पर, और अगला नंबर हमारा होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और वहां के नेतृत्व पर एक बार फिर तीखा हमला किया है. ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे क्योंकि यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है.
इससे पहले ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए आए इस प्रस्ताव पर नाखुशी जाहिर करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया था कि ईरान ऐसी शर्तें रख रहा है, जिन्हें अमेरिका कभी स्वीकार नहीं करेगा. व्हाइट हाउस से फ्लोरिडा रवाना होते समय ट्रंप ने कहा, ‘वे समझौता तो करना चाहते हैं, लेकिन मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं.’
ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, विशेष रूप से B-2 बॉम्बर्स के इस्तेमाल ने ईरान की कमर तोड़ दी है. उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब न नौसेना है, न वायुसेना और न ही रडार सिस्टम.
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे ईरान को पूरी तरह खत्म करने के लिए भीषण हमला करना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मानवीय आधार पर मैं ऐसा नहीं करना चाहूंगा, लेकिन हम एक ऐसी डील चाहते हैं जो समस्या को जड़ से खत्म करे.’
ईरानी नेतृत्व को ‘दुष्ट’ बताते हुए ट्रंप ने कहा कि वहां कोई वास्तविक लीडर नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी सरकार ने दो सप्ताह के भीतर 42,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या कर दी.
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक ईरान ने अपने नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का जिक्र नहीं किया है, इससे ट्रम्प नाखुश हैं। वहीं ईरान का कहना है कि होर्मुज को तुरंत खोलना चाहिए, परमाणु मुद्दे पर बाद में बातचीत होगी। जबकि ट्रम्प चाहते हैं कि दोनों चीजें एकसाथ हों। ट्रम्प कह चुके हैं कि ईरान को बातचीत के लिए आने से पहले एनरिच्ड यूरेनियम को सौंपना होगा।


