10 साल की कैद और 1 करोड़ जुर्माना… Paper leak पर मोदी सरकार का प्लान डिकोड

New Law Against Paper leak: नीट पेपर लीक समेत अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक को लेकर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 35 दिन से धरने पर है। सोनम वांगचुक ने सरकार से आश्वासन मिलने के बाद 26 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। पेपर लीक पर मचे महासंग्राम के बीच पीएम मोदी ने वीडियो संदेश जारी सख्त कानून बनाने की बात कही है। मोदी सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ नया कानून बनाने पर काम भी शुरू कर दी है। नये कानून में 10 साल की कैद और 1 करोड़ तक जुर्माना का प्रावधान रखा जा सकता है।

नए संशोधन के बाद पेपर लीक में दोषी पाए जाने के बाद 10 साल तक कैद हो सकती है। जबकि 1 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा मुकदमों की तेज़ी से सुनवाई के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट को ज़्यादा अधिकार दिए जा सकते हैं। चलिए हम यहां बिल का पूरा प्लान समझते हैंः-

सूत्रों के मुताबिक पेपर लीक को लेकर सरकार पहले जो बिल लाई थी, उसी में संशोधन कर प्रावधानों को और कड़ा कर सकती है। मोदी सरकार इसके लिए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ में संशोधन लाने की योजना बना रही है। नए संशोधन के बाद पेपर लीक में दोषी पाए जाने के बाद 10 साल तक कैद हो सकती है। जबकि 1 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार मानसून सत्र के दूसरे हफ़्ते में ‘परीक्षा संशोधन बिल’ लाने की तैयारी कर रही है।

पीएम मोदी ने भी पेपर लीक बिल का किया जिक्र

पीएम मोदी ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर गुरुवार देर रात वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, ‘पेपर लीक घटना से अब तक पिछले ढाई महीनों में कई असरदार कदम उठाए गए हैं। मैंने आज विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे। विभागों ने मुझे देर रात प्रस्ताव दे दिया। इस प्रस्ताव पर कल कैबिनेट में चर्चा होगी। कैबिनेट के साथियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। सोमवार से संसद का दूसरा हफ्ता शुरू हो रहा है, इसलिए उस बिल को जल्द से जल्द सदन में पारित कराने का प्रयास जाएगी।

क्या-क्या हो सकते हैं नए संशोधन

  • प्रस्तावित सज़ा को 3-5 साल की जेल से बढ़ाकर 5-10 साल किया जा सकता है।
  • कम से कम जुर्माना ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹1 करोड़ किया जा सकता है
  • मुकदमों की तेज़ी से सुनवाई के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट को ज़्यादा अधिकार दिए जा सकते हैं।
  • विपक्ष ने संशोधनों की ज़रूरत पर सवाल उठाए और कहा कि 2024 का कानून पहले से मौजूद है; साथ ही यह भी पूछा कि इसे कैसे लागू किया जाएगा।
  • सरकार ने बताया कि NEET पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों पर 2024 के कानून के तहत केस दर्ज किया गया था।
  • सरकार ने यह भी कहा कि इस मामले की सुनवाई के लिए पहले ही एक फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया जा चुका है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि और संशोधन करने से कानून मज़बूत होगा और परीक्षा में धोखाधड़ी के ख़िलाफ़ ज़्यादा कड़ा डर पैदा होगा

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