रायपुर। राजधानी के राजेंद्र नगर से दो सटोरियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अंतरराज्यीय सट्टा नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। कार्रवाई के तहत गोवा में छापा मारकर चार और सटोरियों को पकड़ा गया है। इस तरह कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इसे सट्टा नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मान रही है। आज पुलिस पूरे मामले का राजफाश करेगी।
टी-20 विश्व कप में लगते थे लाखों-करोड़ों के दांव
पुलिस के अनुसार टी-20 विश्व कप के दौरान मोबाइल एप के जरिए लाखों-करोड़ों रुपए का सट्टा संचालित किया जा रहा था। मुख्य आरोपी रैंकी दरडा और प्रतीक वीधवानी को राजेंद्र नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान 7.78 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया।
गोवा में किराए के मकान से चलता था नेटवर्क
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने गोवा में एक मकान किराए पर लेकर पूरा सट्टा नेटवर्क संचालित कर रखा था। वहीं से आईडी-पासवर्ड जारी किए जाते थे और लेन-देन का हिसाब रखा जाता था। पुलिस ने गोवा स्थित ठिकाने पर छापा मारकर चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी को शनिवार सुबह रायपुर लाया जाएगा।
50 बैंक खाते, 100 से ज्यादा मोबाइल-लैपटॉप जब्त
जांच में सामने आया है कि नेटवर्क के संचालन के लिए करीब 50 बैंक खातों का उपयोग किया जा रहा था। इसके अलावा 100 से ज्यादा मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए गए हैं। पुलिस करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन की पड़ताल कर रही है। विदेशी मुद्रा और हवाला कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
20 हजार में बिकती थी आईडी, अलग था वसूली पैनल
पुलिस के मुताबिक आरोपियों द्वारा 20-20 हजार रुपए में सट्टेबाजी की आईडी और पासवर्ड बेचे जाते थे। हारने वाले खिलाड़ियों से रकम वसूलने के लिए अलग पैनल बनाया गया था। आरोपियों ने 35 लाख रुपए देकर यह कलेक्शन सिस्टम खरीदा था। वसूली पर मोटा कमीशन लिया जाता था। नेटवर्क संचालन के लिए 20-25 हजार रुपए वेतन पर कर्मचारियों को रखा गया था।
महादेव सट्टा एप से कनेक्शन की जांच
चर्चा है कि इस नेटवर्क का संबंध महादेव सट्टा एप के प्रमोटर रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर से हो सकता है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस एंगल पर गहन जांच जारी है। मुख्य आरोपी सौरभ और रवि की गिरफ्तारी को लेकर अब भी सवाल बना हुआ है।
रिमांड पर पूछताछ जारी
पुलिस ने मुख्य आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ट्रांजेक्शन, हवाला और विदेशी कनेक्शन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

