डॉलर पर साइन, सोने के सिक्के पर फोटो थी शुरुआत, अब राष्ट्रपति ट्रंप के नाम पर होगा फ्लोरिडा एयरपोर्ट का नाम

अमेरिका के फ्लोरिडा में स्थित पाम बीच हवाई अड्डे का नाम बदल दिया गया है। अब इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर रखने की मंजूरी मिल गई है। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत पाम बीच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर डोनाल्ड जे. ट्रंप अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखा जाएगा। बदलाव जुलाई में लागू होगा, जिससे ट्रंप के मार-ए-लागो एस्टेट के पास स्थित इस हवाई अड्डे का औपचारिक नाम परिवर्तन होगा।

ट्रंप के बेटे ने की घोषणा

ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप ने एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए लिखा, ‘पाम बीच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब आधिकारिक तौर पर…राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है! इसे सच करने में एक छोटी सी भूमिका निभाने पर गर्व है।’ उन्होंने इस प्रयास में सहयोग देने के लिए फ्लोरिडा के विधायकों और अटॉर्नी जनरल जेम्स उथमेयर सहित राज्य के अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया है। कुछ प्रक्रियात्मक कदम के बाद इसे 1 जुलाई से लागू किया जाएगा।

ट्रंप संगठन ने फरवरी में दिया था आवेदन

संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने स्पष्ट किया है कि हवाई अड्डों के नामकरण संबंधी निर्णय स्थानीय स्तर पर लिए जाते हैं और इसके लिए उसकी स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, बदलाव को पूरी तरह से लागू करने से पहले एजेंसी को नेविगेशन चार्ट और डेटाबेस में संशोधन जैसे प्रशासनिक कार्य पूरे करने होंगे। बता दें कि ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने फरवरी में हवाई अड्डे के नए नाम के लिए एक ट्रेडमार्क आवेदन दायर किया था।

ट्रम्प के नाम पर बढ़ रहे संस्थान

एयरपोर्ट के अलावा भी ट्रम्प के नाम पर कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों के नाम रखे जा रहे हैं। जैसे कि-

  • नेवी के नए वॉरशिप
  • विदेशी निवेशकों के लिए वीजा प्रोग्राम
  • सरकारी दवा वेबसाइट
  • बच्चों के लिए सेविंग अकाउंट स्कीम
  • जॉन एफ केनेडी सेंटर में नाम जोड़ना
  • यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस बिल्डिंग
  • ट्रम्प के सिग्नेचर वाली नोट भी आएगी

इसके अलावा अमेरिकी करेंसी पर भी इस साल से ट्रम्प के सिग्नेचर आने की बात कही गई है। अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार होगा, जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर नोटों पर छापे जाएंगे। ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि यह कदम देश की आजादी के 250वें वर्ष के उपलक्ष्य में उठाया जा रहा है।

नए नोटों के छपने से 1861 से चली आ रही 165 साल पुरानी परंपरा भी टूटे जाएगी। अब तक नोटों पर सिर्फ वित्त मंत्री और अमेरिका के ट्रेजरर के साइन होते थे। इनमें से कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर को हटा दिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, ट्रम्प और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के हस्ताक्षर वाले पहले 100 डॉलर के नोट जून में छापे जाएंगे और बाकी नोट आने वाले महीनों में छापे जाएंगे।

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