AAP ने राज्यसभा में राघव चड्ढा को उप नेता पद से हटाया, सदन में बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक अहम संगठनात्मक फैसला लेते हुए राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। पार्टी ने इस संबंध में औपचारिक रूप से राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर जानकारी दी और इसमें यह निर्देश भी शामिल किया कि अब उन्हें संसद में बोलने का समय न दिया जाए। इस कदम को AAP के भीतर बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब राज्यसभा में पार्टी के नए उप नेता के रूप में डॉ. अशोक मित्तल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. मित्तल पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और पार्टी ने उन्हें सदन में नेतृत्व की नई जिम्मेदारी दी है।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सचिवालय को औपचारिक पत्र भेजकर राघव चड्ढा को उप नेता पद से हटाने की जानकारी दी है। सूत्रों के अनुसार, इस पत्र में एक सख्त निर्देश भी शामिल था कि उन्हें उच्च सदन में बोलने के लिए पार्टी के निर्धारित कोटे से समय न दिया जाए। वर्तमान में राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद हैं। इनमें से 7 सांसद पंजाब का और 3 सांसद दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं।

पिछले दिनों राघव चड्ढा की भारतीय जनता पार्टी के साथ कथित नजदीकियों की खबरें चर्चा में रही। हालांकि, संजय सिंह ने इन अटकलों को तुरंत खारिज किया। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा के BJP में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है और इन अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया।

सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी के कारण उठीं अटकलें

राघव चड्ढा के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की अटकलें तब तेज हुईं जब अरविंद केजरीवाल की रिहाई के बाद भी दिल्ली आबकारी नीति मामले में राघव चड्ढा पार्टी कार्यालय, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पर नदारद रहे। इस बड़ी जीत पर उनकी तरफ से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई थी। हालांकि, संजय सिंह ने माना कि पिछले कुछ महीनों में राघव चड्ढा की सार्वजनिक मंचों पर सक्रियता और उपस्थिति कम हुई है। ‘इंडिया टुडे’ से बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि इस बारे में राघव चड्ढा खुद बेहतर जवाब दे सकते हैं कि उनकी सार्वजनिक भागीदारी में कमी क्यों आई।

कौन हैं राघव चड्ढा?

राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और प्रवक्ता हैं। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं और 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे, जिससे वे राज्यसभा के सबसे युवा सदस्यों में शुमार हो गए। दिसंबर 2023 में, जब संजय सिंह जेल में थे, तब राघव चड्ढा को पार्टी का राज्यसभा लीडर नियुक्त किया गया। उन्होंने संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं, जिनमें बच्चों की शिक्षा की बढ़ती लागत, कॉर्पोरेट फ्रॉड और ‘राइट टू रिकॉल’ (मतदाताओं को विधायकों/सांसदों को बीच में हटाने का अधिकार) शामिल हैं। हाल ही में, वे पार्टी के कुछ मामलों में चुप्पी साधे हुए थे, जिस पर सार्वजनिक और राजनीतिक तौर पर सवाल भी उठे थे।

कौन हैं डॉ. अशोक कुमार मित्तल ?

डॉ. अशोक कुमार मित्तल पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखते हैं। वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के फाउंडर चांसलर हैं। व्यवसायी से राजनेता बने मित्तल ने 2022 में पंजाब से AAP टिकट पर राज्यसभा का चुनाव जीता था। डॉ. मित्तल शिक्षा क्षेत्र में अपनी पहचान रखते हैं और कानून की डिग्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से हासिल की है। वे AAP के सक्रिय सांसद रहे हैं और सदन में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखते आए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!