जांजगीर-चांपा. मंगलवार शाम से लापता शिवम के लौट के आने के सारी उम्मीदें उस समय खत्म हो गई जब गुरूवार सुबह कुदरी बैराज के पास पानी में उसका शव दिखा. 40 घंटे से उसकी तलाश की जा रही थी. उसके वाटसएप मैसेज, प्रत्यक्षदर्शी ऑटो चालक व दोस्तों से बातचीत से यह अंदेशा था कि उक्त युवक ने कुदरी बैराज से नदी में छलांग लगाई है. परंतु एक आस भी थी कि हो सकता है कि उसने अपना इरादा बदल लिया हो परंतु नियति को यही मंजूर था.
बताते चले कि शंकर नगर निवासी शिवम साहू लायंस स्कूल चांपा में कक्षा 11वीं (गणित) का छात्र था, मंगलवार शाम करीब 4 बजे से लापता था. प्रत्यक्षदर्शियों और दोस्तों के मुताबिक, शिवम अपने मित्रों से यह कहकर निकला था कि वह परीक्षा में सफल नहीं हो पाया है, इसलिए वह कुदरी डेम (बैराज) में जान देने जा रहा है. घटना के समय बैराज से गुजर रहे एक ऑटो चालक ने छात्र को अपना मोबाइल फेंककर पानी में कूदते देखा. चालक ने तुरंत इसकी सूचना वहां तैनात प्लांट के चौकीदार को दी और मंगलवार शाम से ही लापता छात्र की तलाश हो रही थी. जिला आपदा प्रबंधन की टीम व एसडीआरएफ ने रेस्क्यू शाम को अंधेरे के कारण रेस्क्यू बंद किया गया. बुधवार सुबह नदी में नहाने आये लोगों ने उसकी लाश को देखा और इसकी सूचना दी. शव बाहर निकालकर उसे परिजनों को सौपा गया.
जानकारी के अनुसार शंकर नगर चांपा निवासी संतोष साहू के तीन संतान हैं. ये लोग बाहर से आकर यहां फल का व्यवसाय करते है. इसकी बड़ी बेटी यूएस के मेनचेस्टर में मर्चेंट नेवी में काम करती है. बताया जा रहा है कि इस हादसे की खबर उसे नही दी गई थी परंतु सोशल मीडिया में चल रहे खबरों से उसे जानकारी हो गई. बताया जा रहा है कि कोरिया के रास्ते वह भी लौट रही है.


