CM Hemant Soren money laundering Case: मनी लॉन्ड्रिंग केस में सीएम हेमंत सोरेन को बड़ा झटका लगा है। रांची PMLA कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी है। अब उनके खिलाफ न्यायिक कार्यवाही जारी रहेगी। ईडी की ओर से विशेष अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने पक्ष रखा, जबकि हेमंत सोरेन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने दलीलें पेश कीं।
यह मामला प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की मनी लॉन्डिंग केस से जुड़ा है। झारखंड सीएम ने अदालत से मांग की थी कि उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही को खत्म किया जाए और उन्हें मामले से मुक्त किया जाए। हालांकि कोर्ट ने उनकी मांग को मानने से इनकार कर दिया है।
रांची PMLA कोर्ट ने दोनों पक्ष की ओर से लंबी बहस के बाद ये फैसला सुनाया है। बहस 2 मई 2026 को पूरी हो गई थीं। जबकि 8 मई 2026 को दोनों पक्षों ने अपने लिखित तर्क भी अदालत में दाखिल किए थे। सभी पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज अर्जी को खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद अब मामले में उनके खिलाफ आगे की न्यायिक कार्यवाही जारी रहेगी।
जानें क्या है पूरा मामला
ये मामला रांची के बड़गाई इलाके में शांति नगर में 8.86 एकड़ जमीन का है। ये के इस प्रॉपर्टी से जुड़ी कमाई की कथित मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत इस मामले की जांच कर रहा है। इसी मामले में सीएम सोरेन को आरोपी बनाया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पेशल कोर्ट ने कहा कि इस स्टेज पर केस को आगे बढ़ाने के लिए काफी आधार मौजूद है। ऐसे में कोर्ट ने सोरेन को कार्यवाही से बरी करने से इनकार कर दिया। इससे केस के ट्रायल की ओर बढ़ने का रास्ता साफ हो गया.


