India-UK Free Trade Agreement: ग्लोबल ट्रेड में भारत ने बड़ी छलांग लगाई है। भारत-यूके के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू हो गया है। इसी के साथ दोनों देशों के बीच टैक्स की दीवार खत्म हो गई है। देनों देशों में बने 99% सामानों पर ‘जीरो’ टैरिफ’ लागू हो गया है। इससे भारत में UK में बनी कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते मिलेंगे। India-UK Deal को लेकर दोनों देशों की सरकारों का मानना है कि इससे इकोनॉमी पर बड़ा असर होगा।
इस समझौते के लागू होने से भारतीय निर्यातकों (Exporters) के लिए ब्रिटिश बाजारों में ड्यूटी-फ्री (कर-मुक्त) पहुंच का रास्ता साफ हो गया है। यह न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा बूस्टर डोज है, बल्कि वैश्विक व्यापार में भारत के बढ़ते वर्चस्व को भी दर्शा रहा है।
ब्रिटिश सरकार का मानना है कि भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से ब्रिटिश अर्थव्यवस्था (UK Economy) में 4.8 अरब पाउंड का इजाफा होगा और वास्तविक वेतन में 2.2 अरब पाउंड की वृद्धि देखने को मिलेगी। तो वहीं दूसरी ओर भारत सरकार का कहना है कि इस डील से भारतीय निर्यात को जोरदार बढ़ावा मिलेगा। यानी ये FTA दोनों देशों की इकोनॉमी के लिए एक बूस्टर साबित होगा। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।

इस व्यापार समझौते के लागू होने से पहले भारत में UK की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरून (Lindy Cameron) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘उल्टी गिनती शुरू हो गई है! UK और भारत इस बात पर सहमत हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। यह आधुनिक यूके-भारत पार्टनरशिप के लिए ऐतिहासिक पल है। यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ग्रोथ के नए युग की शुरुआत करेगा। बता दें कि करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर की मौजूदगी में इस समझौते पर साइन किए थे।
भारत को FTA से क्या-क्या फायदे?
ब्रिटेन के साथ भारत का ये फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कई मायनों में भारतीय निर्यात और भारतीय कामगारों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। ब्रिटेन से आनी वाली स्कॉच-व्हिस्की से लेकर सुपर लग्जरी कारें सस्ती होंगी, तो भारत को एक बड़ा बाजार मिलने वाला है। UK-India FTA लागू होने पर भारत में ब्रिटिश स्कॉच-व्हिस्की पर लागू 150% टैरिफ कई किस्तों में कट करके 40% लाया जाएगा। यानी इसकी कीमत में 110% की कमी आएगी। इसके अलावा ऑटोमोबाइल टैरिफ 100% से घटाकर सिर्फ 10% कर दिया जाएगा। इससे लैंड रोवर, जुगआर, Rolls Royce और एस्टन मार्टिन, डिफेंडर जैसी कारें सस्ती कीमतों पर मिल सकेंगी। ब्रिटिश ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर 22% टैरिफ कम या खत्म होगा।
इन ब्रिटिश सामानों की भारत में होगी टैरिफ फ्री एंट्री
| सामान | सबसे ज्यादा टैरिफ (%) |
| चॉकलेट | 30 |
| सॉफ्ट ड्रिंक्स और नॉन–अल्कोहलिक बीयर | 30 |
| जिंजर ब्रेड, मीठे बिस्कुट | 30 |
| ऑटो पार्ट्स, मशीनरी और औजार | 15 |
| मेडिकल टेक्नोलॉजी डिवाइस | 7.5 |
| साबुन, शेविंग क्रीम | 10 |
इसके साथ ही भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में ड्यूटी फ्री एक्सेस मिल सकेगी। इनमें कपड़े, जूते और कुछ फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं। टेक्सटाइल गारमेंट पर यूके में 12% की ड्यूटी लगती है। केमिकल्स पर 8 फीसदी, बेस मेटल्स पर 10 फीसदी की ड्यूटी लगती है, लेकिन अब इस डील से 99 फीसदी वस्तुएं यूके में ‘0%’ के तहत आएंगी।
FTA के लागू होने से जहां भारत और ब्रिटेन दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, तो वहीं निवेश में उछाल आने की भी उम्मीद है। UK की कंपनियां भारत में अधिक निवेश कर सकती हैं, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा भारतीय आईटी कंपनियों, इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स समेत अन्य प्रोफेशनल्स के लिए ब्रिटेन में मौके बढ़ेंगे।
ब्रिटेन में ड्यूटी फ्री होगा ये सामान
| सेक्टर | मौजूदा समय में सबसे ज्यादा ड्यूटी (%) |
| मरीन | 20 |
| ट्रांसपोर्ट/ऑटो | 18 |
| लेदर/फ़ुटवियर | 16 |
| इलेक्ट्रिकल मशीनरी | 14 |
| टेक्सटाइल/कपड़े | 12 |
| हेडगियर/कांच/सिरेमिक | 12 |
| लकड़ी/कागज | 10 |
| बेस मेटल्स | 10 |
| मिनरल्स | 8 |
| केमिकल्स | 8 |
| प्लास्टिक/रबर | 8 |
| मैकेनिकल मशीनरी | 6 |
| रत्न और आभूषण | 4 |
| फर्नीचर/खेल का सामान | 4 |
| हथियार/गोला–बारूद | 2 |

