Nagpur Three Men Viral Reel: ‘शहर के कमिश्नर तो हम ही हैं…’ फिल्मी डायलॉग पर रील बनाकर तीन मुस्लिम युवकों को पुलिस को चुनौती देना भारी पड़ गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद तीनों युवकों ने कान पकड़कर माफी भी मांगी। हालांकि बावजूद इसके पुलिस ने केस वापस नहीं लिया।
दरअसल पूरा मामला महाराष्ट्र के नागपुर का है। यह मामला 11 सितंबर 2025 से 16 जुलाई 2026 के बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से जुड़ा है, जबकि एफआईआर गुरुवार शाम दर्ज की गई।
पुलिस के मुताबिक शाहिद अब्जल शकील खान (26), मोहम्मद साहिल मोहम्मद शकील शेख (24) और रिजवान मोहम्मद अजीज (28) ने फिल्मी डायलॉग ‘शहर के कमिश्नर तो हम ही हैं…’ पर रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड की थी। हालांकि सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए सीमा लांघना तीन युवकों को महंगा पड़ गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर ली।
सभी आरोपी फिल्मी डायलॉग कह रहे थे- ‘पुलिस चौकी के हिसाब से शहर बांट रहे हो सुल्तान… चौकी चाहे पुलिस का हो, शहर के कमिश्नर तो हम ही लोग हैं। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि वीडियो पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करने वाले हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सामग्री समाज में कानून-व्यवस्था के प्रति गलत संदेश दे सकती है और कुछ लोगों को व्यवस्था को चुनौती देने के लिए प्रेरित भी कर सकती है। इसी आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई की।
आरोपियों के खिलाफ इन धाराओं में मामला दर्ज
इसके बाद पुलिस उपनिरीक्षक रोहन राणे की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 352, 356, 196, 353 और 3(5) के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज किया गया। कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने कान पकड़कर माफी मांगी। हालांकि अधिकारियों ने माफी मांगने के बाद भी केस वापस नहीं लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

