रायपुर। करीब छह हजार करोड़ रुपये के महादेव आनलाइन बेटिंग एप और उससे जुड़े मनी लांड्रिंग मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने टीवी होस्ट शेफाली बग्गा से लगातार दूसरे दिन रायपुर स्थित जोनल कार्यालय में पूछताछ कर रही है। इससे पहले गुरुवार को भी उनसे करीब पांच से छह घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। शुक्रवार को फिर उन्हें कार्यालय बुलाकर कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही।
ईडी अधिकारियों ने उनके वित्तीय लेन-देन, आनलाइन बेटिंग एप के प्रचार-प्रसार, डिजिटल गतिविधियों, इंटरनेट मीडिया अकाउंट और टेलीग्राम चैनल से जुड़े सवाल किए जा रहे हैं।
ईडी सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों में शेफाली बग्गा की कथित भूमिका सामने आने के बाद उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया। एजेंसी के हाथ कुछ प्रमोशनल वीडियो, इंटरनेट मीडिया पोस्ट और डिजिटल सामग्री लगी है, जिनमें कथित तौर पर आनलाइन बेटिंग एप का प्रचार दिखाई देता है। इन सभी डिजिटल साक्ष्यों की फारेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनका इन गतिविधियों से कितना जुड़ाव था।
सूत्रों का कहना है कि ईडी शेफाली बग्गा के एक टेलीग्राम चैनल की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इस चैनल के माध्यम से आनलाइन बेटिंग एप से जुड़े प्रमोशनल कंटेंट, बेटिंग टिप्स या अन्य सामग्री तो साझा नहीं की जाती थी। इसके अलावा उनके मोबाइल, डिजिटल कम्युनिकेशन और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू महादेव नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे खंजन जगदीश कुमार ठक्कर से उनके कथित संबंध भी हैं। ईडी का दावा है कि ठक्कर हवाला नेटवर्क का प्रमुख संचालक रहा है और बेटिंग कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन का प्रबंधन करता था। एजेंसी दोनों के बीच संभावित संपर्क, लेन-देन और विदेशी नेटवर्क से जुड़े लिंक की भी पड़ताल कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी यह भी जांच कर रही है कि दुबई और लंदन से संचालित बताए जा रहे आनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रचार-प्रसार में शेफाली बग्गा की कोई भूमिका रही या नहीं। जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि क्या विदेशी संचालकों और भारत में प्रचार करने वाले लोगों के बीच किसी तरह का आर्थिक या डिजिटल संबंध था।
जांच की रफ्तार तेज
महादेव बेटिंग एप मामले में हाल के दिनों में जांच ने फिर रफ्तार पकड़ी है। दिल्ली से भाजपा नेता विकास गर्ग के खिलाफ ईडी की कार्रवाई और पूछताछ के बाद अब शेफाली बग्गा से लगातार पूछताछ को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। वहीं, महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की ओमान में गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आ चुकी है।
इससे पहले उसे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन प्रत्यर्पण संधि नहीं होने के कारण उसे भारत नहीं लाया जा सका था। इस बीच कांग्रेस ने भाजपा नेता पर हुई कार्रवाई के बाद महादेव एप मामले में सत्ताधारी दल की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले दुबई के माध्यम से कथित 502 करोड़ रुपये भेजे जाने के मामले में भी ईडी की जांच पर नजर बनी हुई है।

