जशपुरनगर। साहब हमारे गांव के आसपास मौजूद संरक्षित वन अंधाधुंध अवैध कटाई का शिकार हो कर मैदान में तब्दील हो रहा है। कुछ स्थानीय लोग ही योजनाबद्व तरीके से वन भूमि पर कब्जा करने के लिए कटाई कर रहे हैं। कटाई के बाद खाली हुई जमीन पर मक्के की फसल की बुआई कर दी गई है।
जिले के सन्ना वन परिक्षेत्र से आए ग्रामीणों ने उक्त बातें कही। मंगलवार को उजड़ते हुए जंगल से नाराज हुए ग्रामीण लामबंद हो कर तीन पिकप में भर कर जशपुर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने वनमंडलाधिकारी शशि कुमार को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों के साथ आए चेपराकोना के ग्रामीण लोकनाथ बड़ा ने बताया कि उनके गांव के ही कुछ लोग बीते कुछ समय से गांव के आसपास के जंगल की बेदर्दी से कटाई कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार संरक्षित जंगल के बड़े पेड़ों के साथ झाड़ियों को साफ कर यहां मक्के की फसल की बुआई हो रही है। इससे जंगल तेजी से उजाड़ होता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार चेपराकोना में 7 लोगों ने लगभग 20 एकड़ वनभूमि पर कब्जा किया है। जब स्थानीय रहवासियों ने अवैध कटाई और अतिक्रमण का विरोध किया तो वे मारपीट करने पर उतारू हो गए।
दीवान हर्राडीपा के किशुन भगत,बरतु राम ने बताया कि पहले ये जंगल अत्यधिक घने थे। यहां तक कि सूर्य की किरणें भी मुश्किल से जमीन को छू पाती थी। लेकिन बीते कुछ दिनों में ही जंगल पूरी तरह से साफ हो कर खेत में तब्दील हो चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होनें स्थानीय स्तर पर कई बार इस मामले की शिकायत की,लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई,इसलिए उन्हें शिकायत लेकर वनमंडलाधिकारी व कलेक्टर के पास आना पड़ा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि वनविभाग और जिला प्रशासन,इस अवैध कटाई को रोकने और जंगल उजाड़ने वालों के विरूद्व कड़ी कार्रवाई करेगा।
‘‘सन्ना वन परिक्षेत्र के दिवान हर्राडीपा में जंगल के पेड़ काटकर जमीन कब्जा करने की शिकायत की मौके पर जाकर जांच की जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लक्ष्मी काहार रेंजर सन्ना वन परिक्षेत्र।

