सिम्स में उपकरणों की कमी पर हाईकोर्ट सख्त, 31 मशीनों की खरीदी पर मांगा शपथ पत्र

बिलासपुर। बिलासपुर के सिम्स में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही उपकरणों की कमी पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। CGMSC की ओर से बताया गया कि 31 अत्याधुनिक मशीनों की खरीदी का टेंडर निकाला गया है। इनमें से 26 मशीनें खरीदी जा चुकी हैं। पांच मशीन और बाकी हैं। कोर्ट ने कौन सी मशीन दी जा चुकीं, कौन सी बाकी हैं, उनकी कब तक सप्लाई हो जाएगी, सभी जानकारी को शपथ पत्र में बताने कहा है।

इस दौरान कोर्ट कमिश्नरों ने बताया कि मेडिकल काॅलेज में व्यवस्था में सुधार तो हुआ है, लेकिन अभी भी कुछ कमियां है।
कोर्ट ने कहा कि कोर्ट कमिश्नर जब चाहे तब वहां जाकर दावों का सत्यापन कर सकते हैं। पिछली सुनवाई में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव की ओर से शपथ पत्र पेश कर कहा गया था कि सिम्स में लगातार सुधार हो रहा है। कोर्ट कमिश्नर ने शपथ पत्र के एआई से बनाने की शंका जाहिर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने कोर्ट कमिश्नरों को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने कहा था।

हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद सिम्स की व्यवस्था में आया सुधार

उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद से सिम्स की व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है, लेकिन पुराने भवन, अनावश्यक रेफरल के कारण परेशानियां बनी हुई है। सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर अपूर्व त्रिपाठी ने चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के प्रयासों से सिम्स की व्यवस्था में हुए सुधारों की जानकारी देने के साथ यह भी कहा कि इससे जनता को बहुत राहत मिली है।

सीपेज रोकने और फॉल्स सीलिंग को ठीक करने का चल रहा काम

शपथ पत्र में स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि सिम्स के डीन और मेडिकल सुपरिटेंडेंट अब वाट्सएप ग्रुप के जरिए सीधे सफाई की निगरानी कर रहे हैं। बेकार हो चुके सामानों को हटाने के लिए रोज गूगल शीट पर लॉगबुक मेंटेन की जा रही है। इसके साथ ही सभी फ्लोर पर फायर स्प्रिंकलर सिस्टम चालू कर दिए गए हैं और फ्लोर मैनेजर तैनात किए गए हैं। छत से सीपेज रोकने और फॉल्स सीलिंग को ठीक करने का काम शुरू हो गया है। सिम्स पर मरीजों का बोझ कम करने के लिए आसपास के जिलों के सीएमएचओ और सिविल सर्जनों को पत्र भेजे गए हैं, ताकि बिना वजह मरीजों को सिम्स रेफर न किया जाए। मुख्य गेट और कैजुअल्टी के पास नया हेल्पडेस्क बनाया गया है, ताकि मरीजों को भटकना न पड़े।

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