ATF Price Hike: घरेलू एयरलाइंस कंपनियों की लागत पर एक बार फिर दबाव बढ़ गया है। सितंबर में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी की गई है। मंगलवार को घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमत में 5.46 फीसदी यानी 6.28 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ। इसके बाद जेट फ्यूल की कीमत करीब 115 रुपये से बढ़कर 121.28 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
लगातार दूसरे महीने बढ़ा ATF का दाम
ATF की कीमतों में यह बढ़ोतरी पिछले महीने हुई 7.5 फीसदी की वृद्धि के बाद हुई है। इससे पहले अप्रैल 2025 से ATF की कीमतों में तीन बार कटौती की गई थी, जिससे कुल 12,239.17 रुपये प्रति किलोलीटर की राहत मिली थी। हालांकि, इसके बाद हुई 8,949.38 रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोतरी ने उस लाभ का बड़ा हिस्सा खत्म कर दिया है।
एयरलाइंस की लागत पर बढ़ेगा दबाव
एयरलाइन कंपनियों के कुल खर्च में फ्यूल की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी होती है। ऐसे में ATF महंगा होने से कंपनियों की ऑपरेशनल कॉस्ट सीधे बढ़ जाती है। अगर एयरलाइंस इसका बोझ यात्रियों पर डालने के लिए किराया नहीं बढ़ातीं, तो उनके मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है।
ATF की कीमतें शहर और स्थानीय टैक्स, खासकर VAT, के आधार पर अलग-अलग होती हैं। सरकारी तेल कंपनियां IOC, BPCL और HPCL हर महीने की पहली तारीख को ATF की कीमतों में संशोधन करती हैं। यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय फ्यूल कीमतों और रुपये-डॉलर विनिमय दर जैसे कारकों पर निर्भर करता है।
IndiGo और SpiceJet के शेयरों में गिरावट
ATF की कीमत बढ़ने के बाद मंगलवार को एयरलाइन शेयरों में दबाव देखने को मिला। InterGlobe Aviation (IndiGo) के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 2.80 फीसदी गिरकर ₹5,087.50 पर आ गए। वहीं SpiceJet के शेयर करीब 0.87 फीसदी की गिरावट के साथ ₹10.23 पर कारोबार करते दिखे।
IndiGo की वैल्यूएशन में ₹5,485 करोड़ की कमी
IndiGo के शेयर में गिरावट का असर कंपनी के मार्केट कैप पर भी पड़ा। पिछले कारोबारी बंद के समय कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹2,00,448 करोड़ था, जो सत्र के दौरान घटकर लगभग ₹1,94,963 करोड़ रह गया। यानी कंपनी की वैल्यूएशन में करीब ₹5,485 करोड़ की कमी आई।

