रायपुर। छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद, भय और अभाव के दौर से निकलकर शांति, प्रगति और अवसरों की ओर बढ़ रहा है। कभी हिंसा के लिए पहचाने जाने वाले इलाकों में अब सड़क, स्कूल, अस्पताल, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश पहुंच रहा है। यह बात उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रायपुर AIIMS के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही। उपराष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां विकास की गतिविधियां पहुंच रही हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ कनेक्टिविटी और निवेश का विस्तार भी हो रहा है।
AIIMS रायपुर की उपलब्धियों की सराहना
सी.पी. राधाकृष्णन ने AIIMS रायपुर को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के बदलाव का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया। उन्होंने संस्थान में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अनुसंधान और ट्रांसप्लांटेशन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
उन्होंने AIIMS रायपुर में हुए छत्तीसगढ़ के पहले स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट का भी उल्लेख किया। उपराष्ट्रपति ने संस्थान की चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्धियों को महत्वपूर्ण बताया।
689 विद्यार्थियों को मिली डिग्री

AIIMS रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 689 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 376 छात्राएं और 313 छात्र शामिल हैं।

समारोह में UG, PG, सुपर-स्पेशियलिटी, डॉक्टरेट और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्री दी गई। वहीं उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को उपराष्ट्रपति ने गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
विद्यार्थियों ने ली ‘से नो टू ड्रग्स’ की शपथ
दीक्षांत समारोह में ‘से नो टू ड्रग्स’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई गई। विद्यार्थियों ने खुद नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने और अपने साथियों व समाज के बीच नशे के दुष्प्रभावों और खतरों को लेकर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
ये रहे मौजूद

समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल मौजूद रहे। AIIMS रायपुर की ओर से अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संजीव हांडा और कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल भी मंच पर उपस्थित रहे।
तीसरे दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ AIIMS रायपुर की चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में भूमिका को भी रेखांकित किया गया।

