शिक्षक दिवस केवल एक जयंती नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान के सम्मान का अवसर है
राजनांदगांव(दैनिक पहुना)। रॉयल किड्स कान्वेंट के उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता अशोक चौधरी ने कहा कि भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने के पीछे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, उनके शैक्षणिक योगदान और भारतीय बौद्धिक परंपरा को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित करने की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का पूरा जीवन शिक्षा, दर्शन और वैचारिक चिंतन को समर्पित रहा। यही कारण है कि उनके जन्मदिवस 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
श्री चौधरी ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन ने भारतीय दर्शन और सनातन परंपरा के ज्ञान को विश्व पटल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय बौद्धिक विरासत को विश्व के सामने रखने का कार्य किया। चौधरी के अनुसार, महात्मा गांधी भी डॉ. राधाकृष्णन की विद्वता और चिंतन से प्रभावित थे तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए उन्होंने उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौर में देश के अनेक प्रमुख नेता भारतीय दर्शन और विशेष रूप से भगवद्गीता का अध्ययन करते थे। डॉ. राधाकृष्णन ने भी भारतीय दर्शन और गीता के विचारों को अपने लेखन एवं व्याख्यानों के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया। उनका मानना था कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी प्राचीन ज्ञान, दर्शन और बौद्धिक परंपरा में निहित है।
स्वतंत्रता आंदोलन में शिक्षकों की रही अहम भूमिका
अशोक चौधरी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने समाज को जागरूक करने तथा लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षकीय दायित्व निभाते हुए अनेक लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन को वैचारिक आधार और गति प्रदान की। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करता, बल्कि समाज को दिशा देने और राष्ट्र निर्माण में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस मनाने का उद्देश्य केवल डॉ. राधाकृष्णन को स्मरण करना नहीं, बल्कि देश के सभी शिक्षकों के योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना भी है। शिक्षक समाज में ज्ञान, संस्कार और विचारों का निर्माण करते हैं तथा आने वाली पीढ़ियों को देश और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्री चौधरी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूत नींव उसके शिक्षकों के हाथों तैयार होती है।

