एमपी/श्योपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम ‘प्रोजेक्ट चीता’ ने सफलता के 4 साल पूरे कर लिए हैं। इस जश्न के बीच मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क (KNP) से एक बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है।
भारत की धरती पर जन्मी मादा चीता KGP12 ने खुले जंगल में चार शावकों को जन्म दिया है। इस नए जन्म के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि चीते अब भारतीय जलवायु और जंगलों में पूरी तरह से रच-बस गए हैं।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने साझा की खुशखबरी
शावकों के जन्म की आधिकारिक जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। उन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए लिखा, “4 साल, 4 नई जिंदगियां – प्रोजेक्ट चीता के लिए यह उम्मीद और सफलता का प्रतीक है।”
भारत में दूसरी पीढ़ी की शुरुआत
मादा चीता KGP12 का खुले जंगल में मां बनना इस प्रोजेक्ट की एक बहुत बड़ी कामयाबी है। KGP12 दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ की बेटी है। गामिनी भारत में शावकों को जन्म देने वाली पहली चीता थी। अब उसकी बेटी द्वारा शावकों को जन्म देना यह साबित करता है कि यह प्रोजेक्ट अब विदेशों से चीते ‘लाने’ के शुरुआती चरण से आगे बढ़कर भारत में उनके ‘बसने और बढ़ने’ के प्राकृतिक दौर में सफलतापूर्वक प्रवेश कर चुका है।
8 से शुरू हुआ सफर 56 तक पहुंचा
भारत में चीतों को फिर से आबाद करने की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी, जब पहली खेप में 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया था। मात्र 4 साल के भीतर यह आंकड़ा बड़ी तेजी से बढ़ा है:
- कुल संख्या: 52 से बढ़कर अब 56 हो गई है।
- भारत में जन्म: कुल 56 चीतों में से 36 चीतों का जन्म भारत की धरती पर ही हुआ है।
- मौजूदा स्थिति: वर्तमान में 53 चीते कूनो नेशनल पार्क में मौजूद हैं, जबकि 3 चीतों को मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में रखा गया है।

