धमतरी। स्वतंत्रता दिवस पर सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर शुरू हुआ सियासी विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। पूर्व मंत्री और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और लोकगायिका एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ जिला सत्र न्यायालय में मानहानि की याचिका दायर की है।
चंद्राकर का आरोप है कि भाजपा के एक पुराने प्रशिक्षण कार्यक्रम का वीडियो 15 अगस्त का बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई।
22 मार्च का वीडियो 15 अगस्त से जोड़ने का आरोप
विवाद उस वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें अजय चंद्राकर भाजपा का झंडा फहराते नजर आ रहे थे। स्वतंत्रता दिवस के दौरान यह वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया गया कि 15 अगस्त को चंद्राकर ने तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा फहराया। बाद में पुलिस की जांच में वीडियो को 15 अगस्त 2026 का नहीं, बल्कि 22 मार्च 2026 को कुरूद में हुए भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ा बताया गया। चंद्राकर ने भी उस समय वीडियो को पुराना बताते हुए कहा था कि स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने तिरंगा फहराया था।
दो आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है
इसी मामले में धमतरी पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक भुनेश्वर निराला और राकेश निराला ने पुराने वीडियो को डाउनलोड कर एडिट किया और उसे स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। दोनों को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन जब्त किए। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पुलिस का दावा है कि वीडियो को एडिट करने और सोशल मीडिया पर अपलोड करने से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। स्थानीय रिपोर्टों में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है।
सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर पर भी FIR
वीडियो को लेकर रायपुर के सिविल लाइन थाने में सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(4), 353(2) और 196 के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में जांच के लिए मामले को धमतरी भेजे जाने की बात पुलिस ने कही थी। विवादित वीडियो को लेकर शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मार्च में हुए भाजपा प्रशिक्षण कार्यक्रम के वीडियो को स्वतंत्रता दिवस के दृश्य के तौर पर पेश किया गया। हालांकि, संबंधित लोगों की भूमिका और मामले के अन्य पहलुओं की जांच पुलिस कर रही है।
अब मानहानि की याचिका से नया मोड़
अब अजय चंद्राकर की ओर से दायर मानहानि याचिका के बाद यह विवाद एक और कानूनी पड़ाव पर पहुंच गया है। चंद्राकर का कहना है कि पुराने वीडियो को गलत संदर्भ में प्रसारित किए जाने से उनकी छवि प्रभावित हुई। इस पूरे मामले में एक तरफ वीडियो के स्रोत और उसे एडिट कर प्रसारित किए जाने की पुलिस जांच चल रही है। दूसरी तरफ सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के खिलाफ दर्ज FIR का मामला है। अब चंद्राकर की मानहानि याचिका के बाद अदालत में भी इस विवाद से जुड़े पक्ष और दलीलें सामने आएंगी।

