तखतपुर. बिलासपुर जिले के ग्राम बांधा में अवैध इमारती लकड़ी के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जुनापारा चौकी पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है. टीम ने पूर्व सरपंच खम्मन सोनवानी के घर छापेमारी कर उसके बेटे राजेश सोनवानी के कब्जे से सागौन की लकड़ी के 31 नग चिरान और सिलपट बरामद किए हैं. जब्त लकड़ी के संबंध में वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई है.
लंबे समय से मिल रही थी अवैध लकड़ी के भंडारण की सूचना
जानकारी के अनुसार, ग्राम बांधा में अवैध रूप से इमारती लकड़ी रखने और उसका कारोबार किए जाने की सूचना लंबे समय से मिल रही थी. जुनापारा चौकी पुलिस ने वन विभाग के साथ समन्वय कर संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई. संयुक्त टीम ने पूर्व सरपंच खम्मन सोनवानी के घर छापा मारा, जहां उनके पुत्र राजेश सोनवानी के कब्जे से सागौन की लकड़ी के 31 नग चिरान और सिलपट मिले. इसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है. टीम ने लकड़ी जब्त कर वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
संयुक्त कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप
सागौन जैसी कीमती इमारती लकड़ी की अवैध कटाई, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए वन विभाग और पुलिस की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ग्राम बांधा में की गई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध लकड़ी के कारोबार से जुड़े लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति है. संयुक्त टीम की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिला है कि अवैध रूप से इमारती लकड़ी रखने और कारोबार करने वालों के विरुद्ध संबंधित विभाग सख्ती बरत रहे हैं.
अवैध लकड़ी के कारोबार पर कार्रवाई की जरूरत
सागौन की लकड़ी का उपयोग फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर होता है. इसकी ऊंची कीमत के कारण कई क्षेत्रों में अवैध कटाई और भंडारण की शिकायतें सामने आती रहती हैं. ऐसे में वन संपदा की सुरक्षा के लिए पुलिस और वन विभाग के बीच समन्वय के साथ नियमित निगरानी और कार्रवाई आवश्यक है.
लकड़ी कहां से लाई गई ? जांच जारी
सागौन की लकड़ी की अवैध कटाई, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए पुलिस और वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई को अहम माना जा रहा है. अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बरामद लकड़ी कहां से लाई गई थी और क्या इसके पीछे अवैध कारोबार का कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

