American Singer Mary Millben Big Claim On CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर रद्द करने की मांग को लगातार प्रदर्शन कर रही है। सीजेपी प्रोटेस्ट पर अब बड़ा दावा किया गया है। भारत में प्रोटेस्ट की अमेरिका यानी यूएस (US) से फंडिंग हो रही है। फेमस अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने CJP Protest और अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) पर यह बड़ा दावा किया है।
अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके पर बड़ा आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। साथ ही दीपके को एंटी मोदी विरोध प्रदर्शन को लेकर चेताया है।
मैरी मिलबेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने वाले अमेरिकी डोनर अभिजीत दिपके और उनके ग्रुप को फंडिंग कर रहे हैं। वो लोग इंडिया की व्यवस्था को खंडित करना चाहते हैं. भारत के विकास में बाधा डालने के लिए ये सब कोशिशें की जा रही हैं। सिंगर ने यूथ को आगाह करते हुए कहा कि इंडिया में हो रही एंटी मोदी एक्टिविस्ट की फंडिंग उनके देश से हो रही है।

सीजेआई सूर्यकांत की टिप्पणी से उपजी पार्टी कुछ महीनों में ही छाई
बता दें कि सीजेआई सूर्यकांत की टिप्पणी से उपजी कॉकरोच जनता पार्टी पिछले कुछ महीने से मोदी सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रही है। हैरानी की बात यह है कि चंद महीमने पहले बने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनों में हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। कुछ दिन पहले तक कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं को लेग जानते तक नहीं थे लेकिन कुछ दिन में ही नेशनल हिरो की तरह बन गए हैं। सीजेपी इन दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और SIR में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने की मांग की है। 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर CJP ने प्रोटेस्ट का ऐलान किया था. लेकिन अनुमति न मिलने की वजह से पुलिस कार्रवाई के चलते ऐसा संभव नहीं हो पाया।
वहीं कुछ महीनों पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने NEET परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ प्रोटेस्ट किया गया था। उनके इस देशव्यापी प्रदर्शन में सेलेब्स भी शामिल हुए थे। प्रकाश राज, शबाना आजमी, स्वरा भास्कर जैसे कई सेलेब्स ने दिपके को सपोर्ट किया था। CJP के हालिया प्रोटेस्ट को भी सेलेब्स का सपोर्ट मिला है। मुंबई में कई सितारों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रोटेस्ट में हिस्सा लिया था।
US पत्रकार अस्रा नोमानी ने भी चेताया
फेमस अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन से पहले US पत्रकार अस्रा नोमानी भी भारत को चेता चुके हैं। अस्रा नोमानी ने फ्रांस प्रदर्शनों के रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि भारत इस्लामी और वामपंथी नेटवर्क के टारगेट में है। आने वाले दिनों में इस्लामी और वामपंथी नेटवर्क भारत में बड़ा आंदोलन कर सकते हैं। दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) जैसे समूह शामिल रहे हैं। ये दोनों वामपंथी नेटवर्क का मोहरा हैं। साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी को भी प्रदर्शन के लिए बाहरी फंड मिलने के संकेत हैं।
मेरिकी पत्रकार अस्रा नोमानी ने कम्युनिस्ट और सामाजिक संगठनों के कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने फ्रांस में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों और भारत में हो रहे प्रदर्शनों के बीच संबंध का दावा किया है। नोमानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि जिन घटनाओं को लेकर उन्होंने पहले “NEXT: INDIA” यानी ‘अगला टारगेट: भारत’ कहकर आगाह किया था, वे अब हो रही हैं। उन्होंने अपनी फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट भी साझा की। इसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ विचारधारा से जुड़े लोग व्यापक कम्युनिस्ट एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए छात्र आंदोलनों का इस्तेमाल करते हैं।
अमेरिकी मूल कारोबारी नेविल रॉय सिंघम फंड दे रहा
अपनी पोस्ट में नोमानी ने शंघाई में रहने वाले अमेरिकी मूल के कारोबारी नेविल रॉय सिंघम का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंघम से जुड़े लाखों डॉलर का इस्तेमाल भारत में प्रोपेगैंडा और प्रभाव बढ़ाने वाले अभियानों के लिए किया गया है। नोमानी ने विजय प्रसाद को सिंघम का करीबी बौद्धिक सहयोगी और आयोजक बताया है। इससे पहले की एक रिपोर्ट में फ्रांस में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों और उन्हें कथित अंतरराष्ट्रीय समर्थन देने वाले नेटवर्क से जुड़े 50 संगठनों की पहचान किए जाने का भी दावा किया है।

