कूनो में चीता शावक की गोली मारकर हत्या… 2 रेंजर समेत 6 वनकर्मी निलंबित, 8 पर FIR

कूनो नेशनल पार्क में 19 महीने के नर चीते KNG22 की गोली लगने से हुई मौत के मामले में वन विभाग और पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। वन विभाग ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में दो रेंजर, एक डिप्टी रेंजर और तीन वनरक्षकों सहित छह कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, मुरैना पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं। घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संरक्षित वन क्षेत्र में हथियार लेकर पहुंचे लोगों को रोकने में सुरक्षा तंत्र कैसे नाकाम रहा।

25 अक्टूबर को घायल मिला था चीता
मामले की शुरुआत 25 अक्टूबर को हुई, जब श्योपुर टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन के कंपार्टमेंट नंबर 748 में चीता शावक KNG22 गंभीर रूप से घायल मिला था। शुरुआती जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसके शरीर में बाहरी वस्तुएं होने की पुष्टि हुई। बेहतर इलाज के लिए उसे जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय भेजा गया।

ऑपरेशन में निकले पांच छर्रे, नहीं बच सकी जान
जबलपुर में सीटी स्कैन से पता चला कि चीते के आंतरिक अंगों के साथ मांसपेशियों, हड्डियों और तंत्रिका तंत्र को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था। आपातकालीन सर्जरी के दौरान उसके शरीर से पांच गोलियों के छर्रे निकाले गए। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद 27 अक्टूबर की सुबह उसकी मौत हो गई। जांच में यह मामला सामान्य वन्यजीव संघर्ष के बजाय गोली मारकर किए गए हमले का निकला।

कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
छह वनकर्मियों के निलंबन के बाद विभागीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारी की पड़ताल की जा रही है। जांच का अहम बिंदु यह है कि जंगल के संवेदनशील इलाके में संदिग्धों की आवाजाही पर निगरानी क्यों नहीं रखी जा सकी। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने मामले की सीबीआई जांच कराने और कूनो के फील्ड डायरेक्टर तथा डीएफओ को हटाने की मांग की है।

केंद्र की टीम भी कर रही जांच
चीते की मौत को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने उच्चस्तरीय टीम भेजी थी। राज्य सरकार ने भी वन विभाग और पुलिस अधिकारियों को शामिल कर विशेष जांच दल बनाया है। करीब 79 साल बाद भारत में किसी चीते की गोली मारकर हत्या की इस घटना ने देश के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चीता की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!