ग्रेटर नोएडा के महागुन मायवुड्स सोसाइटी में हुए हादसे ने एक परिवार का सपना हमेशा के लिए अधूरा छोड़ दिया। परिवार राजस्थान के सीकर में खाटूश्याम मंदिर के पास छोटा-सा आशियाना बनाना चाहता था। इसके लिए 125 गज का प्लॉट पसंद किया था और 14.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
शुक्रवार सुबह 10:30 बजे इसकी रजिस्ट्री होनी थी, लेकिन इससे पहले हुए हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई। पुलिस जांच के मुताबिक, मूलरूप से कोलकाता का रहने वाला परिवार करीब साढ़े चार साल से ग्रेटर नोएडा में रह रहा था। इससे पहले वे दिल्ली में रहते थे।
निवासियों का मानना है कि रेलिंग की पर्याप्त ऊंचाई होती तो सीढ़ी लगाकर पौधे तक पहुंचने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों और सुरक्षा मानकों की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
होगी।

ग्रेटर नोएडा में 23वीं मंजिल से गिरकर बाप-बेटे की मौत
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित हाईराइज सोसाइटी में बालकनी से पूजा के लिए फूल तोड़ते समय 23वीं मंजिल से गिरे 11 वर्षीय बेटे को बचाने में पिता भी नीचे गिर गए। शुक्रवार सुबह हुए हादसे में पिता रणदीप पात्रा (40) और बेटे आरव की मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित हाईराइज सोसाइटी में बालकनी से पूजा के लिए फूल तोड़ते समय 23वीं मंजिल से गिरे 11 वर्षीय बेटे को बचाने में पिता भी नीचे गिर गए। शुक्रवार सुबह हुए हादसे में पिता रणदीप पात्रा (40) और बेटे आरव की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, रणदीप और उनकी पत्नी अमृता श्रीमणि केंद्रीय सचिवालय, दिल्ली में सेक्शन ऑफिसर थे। परिवार चार साल से महागुन मायवुड्स सोसाइटी के टावर-23 में रह रहा था। परिवार को शुक्रवार को राजस्थान के सीकर स्थित खाटू श्याम मंदिर जाना था। वहां किसी जमीन की रजिस्ट्री के के लिए सुबह 10:30 बजे रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचना था। मगर, हादसे में पत्नी ने पति और इकलौते बेटे को खो दिया।

सचिवालय में अफसर थे रणदीप…गीली रेलिंग से उजड़ा परिवार
पुलिस ने अमृता के बयान के आधार पर बताया कि खाटू श्याम जाने के लिए दंपती तड़के चार बजे उठ गए थे। आरव को भी नींद से जगाकर रणदीप बालकनी में ले गए। वहां बेल पर लगे फूल ऊंचाई पर होने से सीढ़ी लगाई गई थी।
पुलिस ने अमृता के बयान के आधार पर बताया कि खाटू श्याम जाने के लिए दंपती तड़के चार बजे उठ गए थे। आरव को भी नींद से जगाकर रणदीप बालकनी में ले गए। वहां बेल पर लगे फूल ऊंचाई पर होने से सीढ़ी लगाई गई थी।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरव सीढ़ी पर चढ़कर फूल तोड़ रहा था। उसका एक पैर करीब साढ़े चार फीट ऊंची रेलिंग पर था। सुबह बारिश होने से बालकनी और रेलिंग गीली थी। इसी दौरान सीढ़ी असंतुलित हुई और आरव का पैर फिसल गया।
बेटे को गिरता देख रणदीप उसे बचाने के लिए आगे बढ़े, पर उनका संतुलन भी बिगड़ गया। दोनों 23वीं मंजिल से सीधे नीचे क्लब की छत पर जा गिरे। हादसे के वक्त पत्नी दूसरे कमरे में मंदिर जाने के लिए तैयार हो रही थीं। पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। नोएडा के डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


