बालकनी में बेटे से फूल तुड़वा रहे थे पिता, 23वीं मंजिल से गिरकर दोनों की दर्दनाक मौत

ग्रेटर नोएडा के महागुन मायवुड्स सोसाइटी में हुए हादसे ने एक परिवार का सपना हमेशा के लिए अधूरा छोड़ दिया। परिवार राजस्थान के सीकर में खाटूश्याम मंदिर के पास छोटा-सा आशियाना बनाना चाहता था। इसके लिए 125 गज का प्लॉट पसंद किया था और 14.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। 

शुक्रवार सुबह 10:30 बजे इसकी रजिस्ट्री होनी थी, लेकिन इससे पहले हुए हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई। पुलिस जांच के मुताबिक, मूलरूप से कोलकाता का रहने वाला परिवार करीब साढ़े चार साल से ग्रेटर नोएडा में रह रहा था। इससे पहले वे दिल्ली में रहते थे। 

वर्ष 2022 में दंपती ने महागुन मायवुड्स सोसाइटी में फ्लैट खरीदा था। परिवार सीकर में निवेश के साथ छुट्टियों के दौरान समय बिताने के लिए अपना ठिकाना बनाना चाहता था। खाटूश्याम मंदिर से करीब 10 किमी पहले हाईवे के पास उन्हें प्लॉट पसंद आया था।
नींद में था इकलौता बेटा, उठने को नहीं था तैयार
उस समय 11 वर्षीय बेटा गहरी नींद में था और उठने को तैयार नहीं था। माता-पिता उसे घर पर अकेला छोड़कर नहीं जाना चाहते थे, इसलिए उसे भी साथ चलने के लिए उठाया गया। परिवार की योजना थी कि खाटूश्याम पहुंचकर भीड़भाड़ से दूर अपने ठिकाने पर रुकेगा और साथ में वीकेंड बिताएगा। हालांकि, सफर शुरू होने से पहले हुए हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
Greater Noida Tragedy: Father-Son Duo Die Before Khatu Shyam Plot Registration
इसी हाईराइज सोसाइटी में हुआ दर्दनाक हादसा 
बालकनी की रेलिंग की ऊंचाई पर उठे सवाल
हादसे के बाद सोसाइटी की बालकनी की रेलिंग की ऊंचाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। निवासियों का कहना है कि रेलिंग की ऊंचाई अधिक होती तो शायद हादसा टल सकता था। उनके मुताबिक, बालकनी के पास लगा पौधा काफी बढ़ गया था। उसकी झाड़ से फूल तोड़ने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल करना पड़ा।
निवासियों का मानना है कि रेलिंग की पर्याप्त ऊंचाई होती तो सीढ़ी लगाकर पौधे तक पहुंचने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों और सुरक्षा मानकों की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
होगी।
Greater Noida Tragedy: Father-Son Duo Die Before Khatu Shyam Plot Registration
ग्रेटर नोएडा में 23वीं मंजिल से गिरकर बाप-बेटे की मौत
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित हाईराइज सोसाइटी में बालकनी से पूजा के लिए फूल तोड़ते समय 23वीं मंजिल से गिरे 11 वर्षीय बेटे को बचाने में पिता भी नीचे गिर गए। शुक्रवार सुबह हुए हादसे में पिता रणदीप पात्रा (40) और बेटे आरव की मौके पर ही मौत हो गई।

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पुलिस के अनुसार, रणदीप और उनकी पत्नी अमृता श्रीमणि केंद्रीय सचिवालय, दिल्ली में सेक्शन ऑफिसर थे। परिवार चार साल से महागुन मायवुड्स सोसाइटी के टावर-23 में रह रहा था। परिवार को शुक्रवार को राजस्थान के सीकर स्थित खाटू श्याम मंदिर जाना था। वहां किसी जमीन की रजिस्ट्री के के लिए सुबह 10:30 बजे रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचना था। मगर, हादसे में पत्नी ने पति और इकलौते बेटे को खो दिया।
Greater Noida Tragedy: Father-Son Duo Die Before Khatu Shyam Plot Registration
सचिवालय में अफसर थे रणदीप…गीली रेलिंग से उजड़ा परिवार
पुलिस ने अमृता के बयान के आधार पर बताया कि खाटू श्याम जाने के लिए दंपती तड़के चार बजे उठ गए थे। आरव को भी नींद से जगाकर रणदीप बालकनी में ले गए। वहां बेल पर लगे फूल ऊंचाई पर होने से सीढ़ी लगाई गई थी।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरव सीढ़ी पर चढ़कर फूल तोड़ रहा था। उसका एक पैर करीब साढ़े चार फीट ऊंची रेलिंग पर था। सुबह बारिश होने से बालकनी और रेलिंग गीली थी। इसी दौरान सीढ़ी असंतुलित हुई और आरव का पैर फिसल गया।
बेटे को गिरता देख रणदीप उसे बचाने के लिए आगे बढ़े, पर उनका संतुलन भी बिगड़ गया। दोनों 23वीं मंजिल से सीधे नीचे क्लब की छत पर जा गिरे। हादसे के वक्त पत्नी दूसरे कमरे में मंदिर जाने के लिए तैयार हो रही थीं। पुलिस हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। नोएडा के डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह ने कहा कि इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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