अमित शाह ने नेक्स्ट जेन CG डायल 112 का किया शुभारंभ, सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा बड़ा विस्तार

 रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ पहुंच चुके हैं। रविवार रात रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। गृहमंत्री का यह दौरा प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के विस्तार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ईआरएसएस 2.0 से सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप

अमित शाह सोमवार को नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस 2.0) का औपचारिक शुभारंभ किया। इस नई तकनीक आधारित प्रणाली के जरिए प्रदेश में नागरिकों को तेज और प्रभावी आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री 400 नई अत्याधुनिक डायल 112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही चलित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की भी शुरुआत की जाएगी, जिससे अपराध जांच प्रणाली को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

अब सभी 33 जिलों तक पहुंचेगी डायल 112 सेवा

अब तक डायल 112 सेवा केवल 16 जिलों तक सीमित थी, लेकिन ईआरएसएस 2.0 लागू होने के बाद यह सेवा प्रदेश के सभी 33 जिलों में शुरू हो जाएगी। इस एकीकृत प्लेटफार्म के माध्यम से नागरिकों को पुलिस, फायर सर्विस, मेडिकल इमरजेंसी, हाईवे असिस्टेंस, महिला एवं बाल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसी कई सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी।

नई प्रणाली में केंद्रीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर बनाया गया है, जो जीपीएस आधारित वाहनों और जीआईएस आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ा रहेगा। इसमें ऑटोमेटिक कॉल लोकेशन पहचान प्रणाली भी होगी, जिससे मदद मांगने वाले व्यक्ति की सटीक लोकेशन तुरंत मिल सकेगी।

बस्तर में होगी उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक

माओवाद प्रभावित बस्तर क्षेत्र को लेकर भी अमित शाह का दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य में माओवाद समाप्ति की तय समय सीमा के बाद यह उनका पहला बस्तर दौरा है।

18 मई को जगदलपुर में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित आठ राज्यों के डीजीपी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी के प्रमुख और आईबी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में नक्सल विरोधी अभियानों और सुरक्षा रणनीति की समीक्षा की जाएगी।

माओवादी हिंसा प्रभावित परिवारों से भी करेंगे मुलाकात

दौरे के दौरान अमित शाह नेतानार जाकर माओवादी हिंसा से प्रभावित परिवारों और जवानों के स्वजनों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे उन 12 पत्रकारों से भी मिलेंगे, जिन्होंने बस्तर में फोर्स को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

18 मई की शाम शाह बस्तरिया संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लेंगे। दौरे के अंतिम दिन 19 मई को वे मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें पांच राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इसके बाद वे प्रेस वार्ता कर दिल्ली लौट जाएंगे।

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