रायुपर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के शासकीय सेवकों को एक बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की विशेष पहल पर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए अल्पावधि ऋण (Short Term Credit) की योजना शुरू की गई है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को अचानक आने वाली वित्तीय जरूरतों जैसे- आकस्मिक चिकित्सा, बच्चों की शिक्षा या किसी पारिवारिक कार्य के लिए तुरंत और पारदर्शी तरीके से लोन उपलब्ध कराना है। इस कदम से कर्मचारियों को बाहरी या अनौपचारिक स्रोतों से महंगे ब्याज पर कर्ज लेने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी।
ई-कोष (e-Kosh) प्रणाली से जुड़ा प्लेटफॉर्म
इस लोन सुविधा की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह डिजिटल होना है। राज्य सरकार ने इसे अपनी ई-कोष (e-Kosh) प्रणाली के साथ एकीकृत (इंटीग्रेट) किया है।
- आवेदन से लेकर लोन ट्रांसफर तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होगी।
- कर्मचारियों को अब लोन के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही लंबी कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ेगा।
- डिजिटल माध्यम होने के कारण पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पूरी होगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस सुधार पर बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार सुशासन और तकनीक के जरिए कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। यह नई व्यवस्था न केवल कर्मचारियों को सशक्त बनाएगी, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक वित्तीय विकल्प भी देगी।
एम्प्लॉयी कॉर्नर (Employee Corner) से कर सकेंगे आवेदन
शासकीय कर्मचारी इस लोन सुविधा का लाभ उठाने के लिए ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर (Employee Corner) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लोन की शर्तें, ब्याज दरें, ईएमआई (EMI) और की-फैक्ट स्टेटमेंट (KFS) जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां पोर्टल पर पहले से ही उपलब्ध करा दी गई हैं।
आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया:
- कर्मचारी अपनी पात्रता जांचकर पोर्टल पर आवेदन सबमिट करेंगे।
- इसके बाद ई-केवाईसी (e-KYC), डिजिटल प्रमाणीकरण और कर्मचारी की सहमति (Consent) की प्रक्रिया को ऑनलाइन ही पूरा किया जाएगा।
- सहमति मिलते ही ऋण की राशि तुरंत स्वीकृत कर सीधे खाते में भेज दी जाएगी।
- लोन की मासिक किस्तों (EMI) का भुगतान कर्मचारी के हर महीने मिलने वाले वेतन से निर्धारित नियमों के तहत स्वतः ही काट लिया जाएगा।
वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, इस पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के उच्चतम मानकों का पालन किया गया है। कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग सिर्फ उनकी अनुमति से ही किया जाएगा, जिससे यह प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।


